BJP ने अखिलेश के खिलाफ रचा चक्रव्यूह II चाचा शिवपाल सिंह बनेंगे मोहरा,निशाने पर होंगे अखिलेश यादव !

BJP ने अखिलेश के खिलाफ रचा चक्रव्यूह II चाचा शिवपाल सिंह बनेंगे मोहरा,निशाने पर होंगे अखिलेश यादव !

Join Media Halchal to get access to perks:    / @mediahalchalnews   Keep Watching Media Halchal News for Latest News Updates, Live News, Political News, Political Interviews and much more. #UPPOLITICALNEWS #AKHILESHYADAV #SHIVPALSINGHYADAV अखिलेश यादव को लगने वाला है बड़ा झटका ! बीजेपी खेलने वाली है सपा के खिलाफ बड़ा दांव ! चाचा बनेंगे बीजेपी का मोहरा,निशाने पर होंगे अखिलेश ! सपा को तोड़ने का एक और मौका बीजेपी को मिला ! क्या सपा के बिखराव के लिए जिम्मेदार हैं अखिलेश यादव ? क्या अखिलेश यादव की अकड़ बन रही हैं बर्बादी की वजह ? अखिलेश यादव की जिद कहें या फिर स्वाभिमान…जो अब पार्टी के लिए ही खतरा बनता जा रहा है…न जाने क्यों चाचा के साथ अखिलेश यादव ये बर्ताव कर रहे हैं कि अब बीजेपी को पार्टी को कमजोर करने का एक के बाद एक मौका मिलता जा रहा है…सपा एक बार फिर बिखरती दिख रही है और पार्टी के खिलाफ बीजेपी एक बार फिर बड़ा दांव चलने वाली हैं…इस बार बीजेपी का मोहरा चाचा शिवपाल सिंह यादव होंगे और निशाने पर अखिलेश यादव होंगे…ये मौका था कि विधानसभा चुनाव की हार का बदला अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव में चाचा के साथ बेहतर रणनीति बना कर बीजेपी से ले सकते थे लेकिन यहां तो अखिलेश यादव चाचा से बात करना भी मुनासिब नहीं समझते…इधर बीजेपी इस मौके को भुनाने की पूरी तैयारी कर चुकी है…बताएंगे कि आखिर चाचा के साथ बीजेपी क्या प्लान बना रही है लेकिन पहले आप हमें बताएं कि क्या सपा को अखिलेश यादव अपनी जिद में खतरे में नहीं डाल रहे हैं…क्या अखिलेश यादव की जिद पार्टी के लिए घातक साबित नहीं हो रही हैं…आपकी राय क्या है आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं…दरअसल अखिलेश यादव से नाराज़ चल रहे उनके चाचा शिवपाल यादव के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों के बीच एक नई खबर फिर से चर्चा के केंद्र में आ गई है…राजनीतिक हल्कों में शिवपाल यादव को लेकर ऐसा कहा जा रहा है कि बीजेपी उन्हें विधानसभा का डिप्टी स्पीकर बना सकती है…हालांकि क्या शिवपाल इस पद को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं, इस पर भी बड़ा सवाल बना हुआ है…यूपी के सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि प्रसपा प्रमुख शिवपाल यादव की बीजेपी से बढ़ती नजदीकी उन्हें यूपी विधानसभा में विधानसभा उपाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठा सकती है…अगर वाकई में ऐसा हुआ तो शिवपाल सदन में अपने भतीजे और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के नजदीक ही बैठेंगे…विधानसभा उपाध्यक्ष की सीट सदन में नेता प्रतिपक्ष के ठीक बगल में ही होती है…पीएसपी प्रमुख शिवपाल यादव इटावा जिले की जसवंतनगर विधानसभा सीट से लगातार छठी बार विधायक निर्वाचित हुए हैं…हमेशा की ही तरह इस बार भी शिवपाल सिंह यादव समाजवादी पार्टी के सिंबल साइकिल के चुनाव चिह्न से निर्वाचित हुए हैं…10 मार्च को मतगणना में जब समाजवादी गठबंधन सत्ता के करीब नहीं पहुंचा तो शिवपाल यादव ने अपने भतीजे अखिलेश यादव की कार्यशैली पर सवाल उठाना शुरू कर दिया…जिससे अखिलेश यादव से उनकी दूरियां बढ़ती जा रही हैं…सपा उन्हें अपना विधायक से ज्यादा सहयोगी दल प्रसपा का अध्यक्ष मानती है…होली के मौके पर मुलायम, रामगोपाल और अखिलेश यादव के साथ सैफई में होली खेलने वाले शिवपाल 26 मार्च के बाद ये कहकर विफर गए कि उन्हें सपा की बैठक में नहीं बुलाया गया…लेकिन जब 29 मार्च को बुलाया गया तो शिवपाल ने बैठक में शामिल होने की जगह भर्थना में भागवत सुनना पसंद किया…इसी बीच 30 मार्च को शिवपाल ने शपथ ग्रहण के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और फिर नवरात्रि के पहले दिन सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फॉलो करना शुरू कर दिया…शिवपाल के इन सब कदमों से उनके बीजेपी के साथ जाने के संकेत मिल रहे हैं…उन्हें राज्यसभा में भेजे जाने और उनकी सीट जसवंत नगर पर उपचुनाव में बेटे आदित्य यादव को उतारने की भी चर्चा है…राजनीतिक पंडित ऐसा बता रहे हैं कि बीजेपी के रणनीतिकारों के पास राज्यसभा के अलावा उपाध्यक्ष बनाने का भी विकल्प है…विधानसभा में इस बार अखिलेश यादव ने बतौर नेता प्रतिपक्ष आक्रामक तेवर के संकेत दे दिए हैं…ऐसे में विधानसभा उपाध्यक्ष के तौर पर शिवपाल को बिठाकर बीजेपी सपा प्रमुख पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगी…सपा विधायक शिवपाल यादव के लिए बीजेपी उसी तरह की रणनीति अपना सकती है…जैसी उसने तत्कालीन सपा विधायक नितिन अग्रवाल को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाने के लिए अपनाई थी और उसमें वो कामयाब भी हुई थी…नितिन अग्रवाल सपा विधायक थे और राजनीतिक मतभेद के चलते बीजेपी के साथ चले गए थे…जानकार बताते हैं कि संसदीय परंपरा के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष सत्ता पक्ष का और उपाध्यक्ष विपक्ष का होता है…इसलिए तकनीकी तौर पर सपा विधायक नितिन अग्रवाल को बीजेपी ने विपक्ष का प्रत्याशी मानते हुए उन्हें निर्विरोध विधानसभा उपाध्यक्ष निर्वाचित करवा दिया था…इसके लिए सपा की इच्छा नहीं थी…वो चाह कर भी कुछ नहीं कर पाई…अब नितिन अग्रवाल बीजेपी से चुनाव जीत कर योगी सरकार में आबकारी मंत्री हैं…ऐसे में इतिहास अगर जल्द खुद को दोहराए तो हैरत नहीं होगी…देखना ये है कि अखिलेश यादव क्या चाचा के साथ मतभेद दूर करते हैं या फिर सिर्फ और सिर्फ तमाशा देखते हैं…ब्यूरो रिपोर्ट Kindly Like, share videos and Subscribe our Channel. For latest News update also visit our website : http://www.mediahalchal.in/