कौण थी वा फरयाँ पर कै औली सौली जा थी. स्व. मा. सतबीर और सत्ते की उपरातली रागनी

कौण थी वा फरयाँ पर कै औली सौली जा थी. स्व. मा. सतबीर और सत्ते की उपरातली रागनी

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