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हे पद्मावत मानें ते कह दयूं. पं. लख्मीचंद की ये रागनी बहुत कम सुनी होगी
ये रागनी कैसी लगी, अपनी राय जरूर देना.
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हे पद्मावत मानें ते कह दयूं. पं. लख्मीचंद की ये रागनी बहुत कम सुनी होगी
कोए रह रही हो तै और बुला ल्यो. सत्ते की गाई एक मजेदार रागनी . पदमावत सखियों को कैसे बुलाती है,
के बुझोगे बात रहण दयो मन की. किस्सा- सरवर नीर गायक- ब्रह्मा नन्द मलिक
तने दुनिया में बदनाम करी. उस समय सत्ते के पार्टी में आने के बाद मा. जी ने सबको पीछे छोड़ दिया
मछला का दिसोटा भाग-1 पं. श्रीया की पुराने समय की बहुत बढ़िया गायी हुई आल्हा
देख कै पूर्ण मल की श्यान! स्व. मास्टर सतबीर की आवाज में पूर्णमल के किस्से की एक शानदार रागनी
हो पिया क्याहे का नही । लकड़हारे के किस्से से मा. महाबीर की गाई हुई एक अनसुनी रागनी
यशोदा तेरा लाल मनै पीटना पडै. मोहन बड़वासनी का गाया हुआ एक और भजन
भीड़ पड़ी में धोरा धरगी। मलिक साहब की आवाज में राजा हरिश्चन्द्र की पुराने रंग में एक बेहतरीन रचना
सत् की डोरी मन कपटी पै , गायक:मा.महाबीर चोपड़ा
गारंटी है ये रागनी और तर्ज नही सुणी होगी किस्सा पुरणमल सुन्दरादे//गायक नरेन्द्र दांगी/एंडीभारत चैनल
ले चीर कालिये मैं कर बेटे का ल्याया. किस्सा राजा हरिश्चंद्र तारामती
सेठ तारा चंद के किस्से से महाशय पाले राम की आवाज़ मे बहुत अच्छी रागनी
पिता की बात पै । मा. महाबीर चोपड़ा की आवाज मे शाही लकड़हारे की एक गजब की रागनी
मत गैल चलै तू मेरी रै. मास्टर जी ने सत्यवान सावित्री के किस्से की ये रागनी सन् 1982 मे गाई थी
साब सोधे तक़दीर क़े #बाबा आशोक नाथ जी #मुरथल रागनी कम्पीटिशन
घड़ी ना बीती ना पल गुजरी एक उतरा जहाज शिखर तै रै. गायक:स्व.राजकिशन
जो धन माया लिखी भाग मे. चाप सिंह के किस्से से ब्रह्मा नंद मलिक की आवाज मे एक बेजोड़ रागनी
आला से हम अदना होग्ये. सरवर नीर के किस्से से ब्रह्मा नन्द की गायी हुई एक दिल को छू लेने वाली रागनी
बीर मर्द हम दो बालक सै, भूखे और तिसाये. सत्ते की आवाज में सरवर नीर की बहुत अच्छी रागनी