मत गैल चलै तू मेरी रै.  मास्टर जी ने सत्यवान सावित्री के किस्से की ये रागनी सन् 1982 मे गाई थी

मत गैल चलै तू मेरी रै. मास्टर जी ने सत्यवान सावित्री के किस्से की ये रागनी सन् 1982 मे गाई थी

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