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मत गैल चलै तू मेरी रै. मास्टर जी ने सत्यवान सावित्री के किस्से की ये रागनी सन् 1982 मे गाई थी
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मत गैल चलै तू मेरी रै. मास्टर जी ने सत्यवान सावित्री के किस्से की ये रागनी सन् 1982 मे गाई थी
रुई के नफे की बुझे बात-! मा. सतबीर की आवाज मे सेठ ताराचंद के किस्से से एक बहुत पुरानी रागनी
तने दुनिया में बदनाम करी. उस समय सत्ते के पार्टी में आने के बाद मा. जी ने सबको पीछे छोड़ दिया
एक की दारू दो बतलाए, दो की चार दवाई. मा. जी की पुराने दौर की एक बहुत बढ़िया रागनी
बीर मर्द हम दो बालक सै, भूखे और तिसाये. सत्ते की आवाज में सरवर नीर की बहुत अच्छी रागनी
घड़ी ना बीती ना पल गुजरी एक उतरा जहाज शिखर तै रै. गायक:स्व.राजकिशन
सत् की डोरी मन कपटी पै , गायक:मा.महाबीर चोपड़ा
परिक्षित से न्यू कलियुग बोल्या राज मेरा अभी आया है. गायक: सत्ते फरमानिया
प्योर देशी रंग, चंद्रदत्त के जिक्र करूं झूल घाल रही बड़ म्ह, राजकिशन अगवानपुरिया व साथी, तीज स्पेशल
70 की उम्र में भी ताऊ नै रंगकाट में दुमे ठा दिये | रंगकाट 2021 | सिंघाना
Veer Tejaji Maharaj's Story | - Voice - Lachhu Maharaj | Rajasthani Katha | Story of Veer Tejaji ...