फर्रुखाबाद : युवती के परिजनों ने प्रेमी को गिरफ्तार कराया और फिर थाने में अपनी बेटी से शादी करवा दी।

फर्रुखाबाद : युवती के परिजनों ने प्रेमी को गिरफ्तार कराया और फिर थाने में अपनी बेटी से शादी करवा दी।

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में पहले युवती के परिजनों ने प्रेमी युवक को गिरफ्तार कराया और फिर थाने में अपनी बेटी से शादी करवा दी। फर्रुखाबाद जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है यहां पिता ने पहले पुलिस को सूचना दी कि उनके घर में कोई युवक घुस आया है इसके बाद खुद थाने में जाकर उस युवक से अपनी बेटी की शादी करा दी । प्रेमिका के घर मिलने पहुंचे प्रेमी को युवती के पिता ने पकड़कर पुलिस को बुलाकर सौंप दिया । युवक के पकड़े जाने की जानकारी पर उसके परिजन भी थाने पहुंच गए । जहां दोनों पक्षों के बीच वार्ता हुई । आपस में रिश्तेदारी निकलने पर युवती के परिजन भी शादी के लिए तैयार हो गए । थाने में बने मंदिर में प्रेमी युगल ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर साथ जीने मरने की कसमें खाईं । तनावपूर्ण माहौल अचानक खुशगवार हो गया । प्रेमी युगल के अलावा पुलिस कर्मियों के चेहरों पर भी मुस्कान खेलती दिखी । थाना जहानगंज क्षेत्र के गांव मैदाश्यामपुर निवासी लाखन सिंह ने रात करीब दस बजे यूपी 112 को सूचना दी कि उनके घर पर कोई युवक घुस आया है । वह उनकी पुत्री को परेशान कर रहा है । इस पर यूपी 112 पुलिस पहुंच गई और युवक को पकड़कर थाने ले आई । पूछताछ के दौरान युवक दिव्यांशु ने बताया कि वह कन्नौज जनपद के कोतवाली छिबरामऊ के गांव कुंवरपुर निवासी राजेश जाटव का बेटा है । वह यहां रिश्तेदारी में आया था । सूचना पर दिव्यांशु के परिजन भी सुबह थाने पहुंच गए । दोनों पक्षों में थाने के बाहर घंटों वार्ता चलती रही । जिसके बाद लाखन सिंह ने अपनी पुत्री की शादी दिव्यांशु के साथ करने के लिए हामी भर दी । इसी के बाद लाखन सिंह की पत्नी सुशीला देवी अपनी पुत्री को लेकर थाने पहुंच गई । दिव्यांशु की मां नीलम देवी भी अपनी पुत्रवधू को ले जाने के लिए थाने आ गईं । थाना परिसर में बने मंदिर में ही प्रेमी युगल ने दोनों पक्षों के स्वजन की मौजूदगी में एक दूसरे को वरमाला पहनाकर साथ जीने मरने की कसमें खाईं । उसके बाद लाखन सिंह व उनकी पत्नी सुशीला देवी ने अपनी पुत्री को दिव्यांशु के साथ खुशी खुशी विदा कर दिया । इस शादी से प्रेमी युगल के अलावा पुलिस कर्मी भी काफी खुश दिखाई दिएन। प्रेमी युगल थानाध्यक्ष बलराज भाटी से आशीर्वाद लेने गया तो उन्होंने दोनों को प्यार से रहने की नसीहत देकर विदा किया ।