उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बावजूद समाजवादी परिवार में जारी धमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। चाचा शिवपाल और अखिलेश यादव के बीच की खाई लगातार बढ़ती जा रही है। दरअसल आज लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नए विधायकों और एमएलसी की बैठक बुलाई थी, जिसमें शिवपाल यादव नहीं पहुंचे। लेकिन बैठक शुरू होने के करीब 20 मिनट बाद शिवपाल अपने गाड़ी से पार्टी कार्यालय के समाने से गुजरे। इस दौरान उनकी गाड़ी धीमी हुई, लेकिन पार्टी कार्यालय में जाने की बजाए वो वहां से आगे बढ़ गए। बताया जा रहा है कि नेता विपक्ष को लेकर शिवपाल यादव नाराज हैं. चर्चा थी कि आजम खां या शिवपाल यादव को विधानसभा में नेता विपक्ष बनाया जाएगा, लेकिन अखिलेश ने राम गोविंद चौधरी को नेता विपक्ष चुना। जबकि अखिलेश यादव विधानपरिषद के नेता बने हैं। इससे पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि अहमद हसन को नेता विधानपरिषद चुना जाएगा। साथ ही अखिलेश यादव राज्यसभा चले जाएंगे। लेकिन इन सारे कयासों पर ब्रेक लगाते हुए आज अखिलेश को नेता विधानपरिषद चुन लिया गया है। आपको बता दें कि अखिलेश यादव एमएलसी हैं और उनका कार्यकाल 5 मई 2018 को ख़त्म हो रहा है। वहीं सपा में जारी गहमागहमी के बीच अब खबर ये भी है कि मुलायम ने बुधवार को विधायकों और एमएलसी की जो बैठक बुलाई थी वो रद्द हो गई है।-तो सपा में जारी रार लगातार बढ़ती जा रही है। इससे पहले हुई बैठक में जब चाचा और भतीजा एक साथ आए थे तो माना जा रहा था कि शायद दोनों के बीच नाराजगी खत्म हो रही है लेकिन आज की इस बैठक में जिस तरह की तस्वीर देखने को मिली उससे साफ जाहिर हो रहा है कि सपा में सबकुछ ठीक नहीं है http://www.deshbandhu.co.in/ http://dblive.tv/