मन का मणियां सांस की डोरी चुपचाप रटण की माला | # मा. रामप्रताप रंगा # रागनी महाशय दयाचंद मायना ||

मन का मणियां सांस की डोरी चुपचाप रटण की माला | # मा. रामप्रताप रंगा # रागनी महाशय दयाचंद मायना ||

पांचो इंद्री बस मैं करकै बणज्या रटणे आला ||