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गुप्ती घा जिगर मैं होगे घणी सतावै मतना | निर्दोषी सै बहु तेरी...# मा. रामप्रताप रंगा #
किस्सा चापसिंह ( जाट मेहरसिंह)
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गुप्ती घा जिगर मैं होगे घणी सतावै मतना | निर्दोषी सै बहु तेरी...# मा. रामप्रताप रंगा #
ताराचंद नै सौंप दिया सुत मनसा की गोद्दी मैं # मा. रामप्रताप रंगा # शायद पहली बार गाई गई है ये तर्ज
देख लिया सारे कै फिर कै सच्चा भगवान मिल्या ना # मा.रामप्रताप रंगा #
मन का मणियां सांस की डोरी चुपचाप रटण की माला | # मा. रामप्रताप रंगा # रागनी महाशय दयाचंद मायना ||
पांच तत्व का शरीर बण्या नौ ग्रह टेक दिए भारी | टोटा नफा लाभ और हानी # मा. रामप्रताप रंगा |
Teri Yaad (official video) || Rampartap Rathi || Anmol G || Ransh Bawal || 2018
600 मस्ताना जी का शब्द | धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा ||