यह त्यौहार चैत्र शुक्ल पक्ष की अष्टमी तथा आश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। यह त्योहार वर्ष में दो बार आता है। इस दिन माता के आठवें रूप दुर्गा माता की पूजा की जाती है इस दिन सुबह उठ कर नहा धोकर पूरे घर की सफाई की जाती है। रसोई में माता के प्रसाद के रूप में हलवा, चने और पूरी का प्रसाद बनाया जाता है। अपने घर के मंदिर में मां की ज्योत जगाई जाती है और दुर्गा स्तुति करने के पश्चात माता को हलवा, पूरी, चने, और नारियल का भोग लगाया जाता है। इस दिन माता के नौ रूपों के स्वरूप नौ कन्याओं तथा एक लंगूर के स्वरूप एक लड़के को पूजन के बाद भोजन करवाया जाता है। नौ कन्याओं तथा एक लड़के को पैर धोकर आसन पर बिठाया जाता है। फिर सभी बच्चों को तिलक लगाया जाता है और मौली बांधी जाती है। इसके पश्चात सभी बच्चों को मां दुर्गा का प्रसाद बांटा जाता है। प्रसाद ग्रहण करने के पश्चात बच्चों को दक्षिणा दी जाती है और पांव छू कर आशीर्वाद लिया जाता है। फिर सभी बच्चों को सकुशल अपने अपने घर भेज दिया जाता है। #Durgashtami #Durga_ashtami #NavDurga #DurgaMaa Navratri vrat katha • Navratri vrat katha | नवरात्रि व्रत कथा | ... Devi Siddhidatri ki mahima • Siddhidatri Beej Mantra , नौवां नवरात्री म... Maa Santoshi vrat Katha • Santoshi mata vrat katha | संतोषी माता व्र... Aasmai ki katha • आसमाई की कथा एवं पूजा विधि | Aasmai ki Ka... Durga Ashtami ki katha • Durgashtami katha | Navratri ashtami puja ...