Understanding the Power of Thanksgiving धन्यवाद का सामर्थ The Power of Thanksgiving Speaker - Rev.Dr.D.R. Sahu Ps.100:4 उसके फाटकों मे धन्यवाद और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करों। धन्यवादी पर्व को उतरी अमेरिका में नवम्बर माह के चौथे गुरुवार को राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाता है। यह कटनी का त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। What is Thanksgiving ? धन्यवाद क्या है ? 1.अपनी आशिषों को गिनना और उसके लिए धन्यवाद देना है। Ps.103:1-2 2. यह परमेश्वर के प्रति कृतज्ञता का एक व्यवहार है जो उसने आपके लिए किया है। कृतज्ञता एक भावना है, एक व्यवहार है, 3. यह वह शक्ति है जो आपके हृदय को आपके जीवन में परमेश्वर के उपकारों के लिए उत्सव मनाने के लिए प्रेरित करता है। धन्यवाद एक शक्ति है, ऊर्जा है, सामर्थ है, Why must We give thanks हमे धन्यवाद क्यों देना चाहिए ? जब तक आप धन्य वादित नहीं होते तब तक आप कुछ भी प्राप्त नहीं कर सकते। धन्यवाद देने के 20 कारण - 1.It is a good thing. धन्यवाद देना अच्छी बात है। Ps.92:1-2 It is good to praise the Lord परमेश्वर के करुणा के लिए और उसकी विश्वास योग्यता के लिए धन्यवाद देना है। 2.It is the will of God यह परमेश्वर की इच्छा है। 1 Thess.5:18, Eph.5:20, Lk.17:13-19 Jn.6:11-14, कोढ़ी ने चंगाई पाने के बाद धन्यवाद किया यीशु ने आश्चर्य कर्म होने से पहले विश्वास के साथ 5 रोटी और 2 मच्छली के लिए धन्यवाद दिया। जब आप धन्य वादित रहेंगे तो पर्याप्त नहीं की स्तिथि को वह पर्याप्त से ज्यादा की स्तिथि में बदल देगा। 3.यह परमेश्वर के प्रतिज्ञा को प्राप्त करने की कुंजी है। Heb.10:36 क्योंकि तुम्हे धीरज धरना अवश्य है, ताकि परमेश्वर की इच्छा ( कृतज्ञता / धन्यवाद ) को पूरी करके तुम प्रतिज्ञा का फल पाओ। Phil.4:19 को प्राप्त करने के लिए Phil.4:14-18 पर ध्यान दीजिए 4. धन्यवाद के बिना आपकी प्रार्थना पुरी नहीं होती। Phil.4:6, 1 Tim.2:1 तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ 5. Thanksgiving turns dead things into life, धन्यवाद मृत चीजों को जीवन में बदल देगा Jn.11:41-42 Jesus gave thanks before praying. लंबे समय तक कृतज्ञता की कमी के कारण नकारात्मक परिस्थितियां उत्पन्न हो जाता है। आर्थिक तंगी और बीमारी 6. यह परमेश्वर की आज्ञा है । Col.4:2 प्रार्थना में लगे रहो और धन्यवाद के साथ उसमे जागृत रहो। Ps.34:1 जब आप हर जगह, हर समय हर परिस्थितियों में धन्यवादी रहेंगे तो आपके जीवन में चमत्कार होगा। 7. आत्मा से परिपूर्ण होना है तो धन्यवाद देना जरूरी है। Eph.5:18-21 मसीही जीवन में आगे बढ़ना है , परमेश्वर के आशिशों में आगे बढ़ना है, तो धन्यवाद देना जरूरी है। 8. We get heaven's attention when we give thanks. जब हम धन्यवाद देते है तो हम स्वर्ग को अपनी ओर आकर्षित करते है। Acts 16:25-26 Isa.65:24 जब आप धन्यवादी रहेंगे तो, उनके पुकारने से पहिले ही मै उनको उत्तर दूंगा और उनके मांगते ही मै उसकी सुन लूंगा। Ps.67:5-6 9. Giving thanks to God unlocks many doors. धन्यवाद देने से बहुत से दरवाजे खुल जाते है। Malachi 3:10 श्राप और बन्धन को तोड़ना है तो धन्यवाद देना शुरू कर दीजिए। Pro.18:16 भेंट मनुष्य के लिए मार्ग खोल देती है और उसे बड़े लोगो के सामने पहुंचाती है। 10. यह हमे परमेश्वर के करीब लाता है। Col.2:6-7 Everyday is Thanksgiving for the all Christian. Ps.118:24 , Ps.92:1, 12-13 फलवंत होने के लिए धन्यवाद दीजिए। 11. धन्यवाद के बलिदान का चढ़ाने वाला परमेश्वर की महिमा करता है। Ps.50:14, 23, Isa.43:21 The people I formed for myself will declare my Praise. 12. जब हम धन्यवाद देते हैं तो परमेश्वर का सामर्थ्य क्रियाशील होता है और उसका अभिषेक सारे बन्धन को तोड़ देता है। Isa.10:27 The yoke shall be destroyed because of the anointing. Isa.52:2, Nahum 1:13 13. उदासी को हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाता है। उदासी, निराशा शैतान के हथियार है। Isa.61:3, Phil.4:4, Nahe.8:10, Prov.17:22 14. शैतान का मुंह बन्द होता है। Ps.8:2, Matt.21:16, 1 Pet.5:8 15. शैतान के कामों को नाश करना है तो धन्यवाद दो। 1Jn.3:8, Malachi 3:10-11 Zac.2:5 आग की शहरपनाह 16.यह आपके विजयी जीवन का रहस्य है। 2 Cor.2:14, 2 Chro.20:15,17,21-23 17.यह परमेश्वर का आदर करना है। Prov.3:9-10 18.धन्यवाद नहीं देने के खतरनाक परिणामों के कारण धन्यवाद देना चाहिए। Rom.1:18,21,24,26,28 Heb.12:15 कड़वाहट, शिकायत, कुडकुडाना, आशीष को रोक देता है। 19.परमेश्वर से मुलाकात करना है तो धन्यवाद देना है। Ps.100:4 उसके फाटकों से धन्यवाद करते हुए प्रवेश करो। Deut.16:16-17 20. Lk.20:25 जो कैसर का है , जो परमेश्वर का है , उसे दो। Matt.7:7, Lk.6:38 Psalm 103:2 धन्यवादी बने रहें। ___________ बाइबल की अर्थव्यवस्था Part-1 आर्थिक समृद्धि के लिए बाईबल की कुंजियां • Biblical finances : Part -1, बाईबल की अर्थ... Part-2 आर्थिक समृद्धि के लिए बाईबल की कुंजियां • Biblical finances : Part - 2, बाईबल की अर्... Part - 3 आप चाहें तो आशीष प्राप्त कर सकते है • Biblical finances : Part - 3, बाईबल की अर्... Part-4 अलौकिक स्रोत को कैसे खोलें • Biblical finances : Part - 4, बाईबल की अर्... Part-5 इब्राहीम के आशीष को कैसे प्राप्त करें ? • Biblical finances : Part - 5, बाईबल की अर्... Part - 6 आपके अकाल पर विजय • Biblical finances : Part - 6, बाईबल की अर्... Part -7 याकुब की सीढ़ी - याकुब परमेश्वर के साथ अपना संबंध कैसे बनाता है ? • Biblical finances : Part - 7, बाईबल की अर्... Part - 8 यीशु धनी था या गरीब - करोड़पति यीशु • Biblical finances : Part - 8, बाईबल की अर्... Part - 9 मरकूस : 4 बढ़ोतरी का नियम • Biblical finances : Part - 9, बाईबल की अर्... Part - 10 सिध्दता का नियम • Biblical finances : Part - 10, बाईबल की अर... Contact for prayer Rev.Dr.D.R.Sahu Mob.9300777132 Email - [email protected]