इंदौर पुलिस के नए फार्मूले हो रहे सफल  फिल्मी अंदाज में किया चोरों को गिरफ्तार

इंदौर पुलिस के नए फार्मूले हो रहे सफल फिल्मी अंदाज में किया चोरों को गिरफ्तार

अक्सर फिल्मों में सुना होगा कि पुलिस घटना होने के बाद पहुंचती है, लेकिन इंदौर पुलिस ने इस कहावत को गलत साबित कर दिया है। ऐसा तब हुए इंदौर के विजय नगर इलाके में पुलिस ने एक चौंकाने वाली घटना को अंजाम दिया है। इंदौर में चोर वारदात के पहले पकड़े गए। जिस मकान में वे चोरी करने पहुंचे थे, वहां पुलिस पहले से मौजदू थी। इंदौर में कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस हर दिन नए तरीके आजमा रही है। ऐसा ही एक नवाचार करते हुए इंदौर पुलिस ने आला अधिकारियों के कहने पर सूने मकानों के निगरानी करना शुरू कर दी थी क्योंकि अक्सर इंदौर शहर में सूने मकानों को निशाना बनाते हुए लाखों के माल पर हाथ साफ कर रहे थे जिसके चलते विजय नगर पुलिस ने चोरी की वारदात के पहले ही चोरों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रभारी तहजीब काजी के अनुसार पुलिस ने स्कीम नंबर-54 के सूने मकान को पहले ही चिन्हित किया हुआ था। सोमवार देर रात 2 बजे तीन चोर इलाके में घुसे। मकान को जैसे ही निशाना बनाना चाहा, पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। आरोपियों ने अपने नाम कुणाल पुत्र ओमप्रकाश (20), अमन पुत्र मोहन पाटीदार (19) और चेतन पुत्र गजानन (19) बताए हैं। चोरी के माल समेत औजार बरामद हुए हैं। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह ऐसे मकान को निशाना बनाते थे, जिसमें बुजुर्ग दंपती रहते हों और यदि चोरी की वारदात के समय वे उठ भी जाएं तो उनसे संघर्ष करना आसान होता है। आरोपियों ने बताया कि कोई नया मकान जब बन जाता है, तो उसमें कुछ दिन बाद ही मकान मालिक आ कर रहना शुरू करता है। इससे पहले वह मकान में लगे महंगे नल, एसी और दूसरा सामान लेकर चंपत हो जाते थे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।