राजा परीक्षित का ब्राह्मण के अपमान पर पछतावा और राज्य त्याग देना भागवत कथा आचार्य सतीश जी 9456247162

राजा परीक्षित का ब्राह्मण के अपमान पर पछतावा और राज्य त्याग देना भागवत कथा आचार्य सतीश जी 9456247162

श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत आचार्य सतीश जी ने बताया राजा परीक्षित ने अन्याय की कमाई के सोने के मुकुट को अपने सर पर धारण किया जिससे राजा परीक्षित की बुद्धि बिगड़ गई और राजा परीक्षित ने अज्ञानता बस एक महात्मा श्री श्रृंगी ऋषि के पिता जी शमीक ऋषि का अपमान कर दिया जिसका यह परिणाम हुआ कि राजा परीक्षित जो अपने महलों में पहुंचे तो उन्होंने जब मुकुट उतारा तूने समझ आया कि हमने एक चीज और ब्राह्मण का अपमान कर दिया है और इसके प्रायश्चित के लिए राजा परीक्षित ने अपने राज्य धन्य वो खजाना सब कुछ त्याग कर एक लंगोटी लगा कर के भेजा कर के अपनी मृत्यु को सुधारने का उपाय खोजने लगे जिसमें श्री व्यास नंदन शुकदेव जी ने राजा परीक्षित के जीवन के उद्धार के लिए उनके प्रश्न करने पर मृत्यु को सुधारने के उपाय बताएं जो श्रीमद् भागवत कथा में द्वितीय स्कंध से लेकर द्वादश स्कंध तक दिए गए हैं अतः आप सभी इस वीडियो को पूरा देखें आनंद ले मेरे इस वीडियो को अगर आप पसंद करते हैं तो इसे लाइक करें और अपने मित्रों में शेयर करें मेरे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद जय श्री राधे जय श्री श्याम