श्रीकृष्ण मंत्र | कृष्णाय वाशुदेवाय 108 बार |  ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने

श्रीकृष्ण मंत्र | कृष्णाय वाशुदेवाय 108 बार | ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने

श्रीकृष्ण के इस दिव्य मंत्र का जाप करने से जीवन में शांति, समृद्धि और भक्ति की अनुभूति होती है। श्रद्धा और आस्था से भरपूर इस भजन को सुनें और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करें। श्रीकृष्ण मंत्र, कृष्णाय वासुदेवाय, भक्ति संग्रह, ओम कृष्णाय वासुदेवाय, हरये परमात्मने, कृष्ण मंत्र, श्रीकृष्ण भजन, कृष्ण स्तुति, कृष्ण आरती, भक्ति संगीत, श्रीकृष्ण उपदेश, कृष्ण चालीसा, भगवान कृष्ण, राधा कृष्ण, कृष्ण लीला, कृष्ण की महिमा, गीता सार, भगवद गीता उपदेश, संकीर्तन, हरि भजन, कृष्ण आराधना, वैष्णव भजन, श्रीकृष्ण की कृपा, कृष्ण संकीर्तन, दिव्य मंत्र श्लोक: कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने | प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने | प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः अर्थ: वासुदेव नन्दन परमात्मा स्वरूपी भगवान श्रीकृष्णको वंदन है, उन गोविंदको पुनः पुनः नमन है, वे हमारे कष्टोंका नाश करें प्रणाम करने वालों के क्लेश का नाश करने वाले श्रीकृष्ण, वासुदेव, हरि, परमात्मा एवं गोविन्द के प्रति हमारा बार-बार नमस्कार है इस श्लोक की महानता: महाभारत काल में जब जरासंध ने २०,००० राजाओं को बलि देने के लिए बंधी बनाया, तब सब राजाओं को एक ही बात पता थी की अब इस संकट से बस भगवान ही उन्हें बचा सकते है, तभी उन २०,००० राजाओं ने मिल कर एक व्यक्ति को प्रार्थना कर के द्वारिका में भेज दिया और उन सभी राजाओं ने प्रार्थना करते हुए ये श्लोक बोले। यह श्लोक बहुत ही अद्भुत तथा शक्तिशाली है, यूँ तो पूर्ण भगवद् गीता का हर शब्द हर श्लोक इतना शक्तिशाली है, के अगर हम भगवद् गीता में लिखे हुए किसी भी श्लोक का जप करें, ध्यान करें तो भगवान सदैव हम पर अपनी कृपा बनाये रखेंगे, किंतु "कृष्ण वासुदेवय" एकलौता ऐसा शक्तिशाली मंत्र है जिसके जाप से व्यक्ति के जीवन से भयानक से भयानक दुख तथा संकट एक पल में दूर जाएँगे | #श्रीकृष्ण #कृष्णमंत्र #वासुदेवाय #भक्तिसंग्रह #कृष्णायवासुदेवाय #हरयेपरमात्मने #भजन #कृष्णभजन #कृष्णस्तुति #कृष्णआरती #भगवानकृष्ण #राधाकृष्ण #गीता #भगवदगीता #वैष्णवभजन #संकीर्तन #कृष्णलीला #कृष्णकीमहिमा #हरिभजन #भक्तिगीत #कृष्णआराधना #कृष्णप्रेम #श्रीकृष्णकीकृपा #दिव्यमंत्र #भक्तिसंगीत