श्रीकृष्ण मंत्र | कृष्णाय वाशुदेवाय 108 बार | ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने | Krishan Mantra श्लोक: कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने | प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने | प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः अर्थ: वासुदेव नन्दन परमात्मा स्वरूपी भगवान श्रीकृष्णको वंदन है, उन गोविंदको पुनः पुनः नमन है, वे हमारे कष्टोंका नाश करें प्रणाम करने वालों के क्लेश का नाश करने वाले श्रीकृष्ण, वासुदेव, हरि, परमात्मा एवं गोविन्द के प्रति हमारा बार-बार नमस्कार है ॐ कृष्णाय वासुदेवाय नमः भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित एक अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली मंत्र है। इस मंत्र का जप करने से मन को शांति, हृदय को प्रेम और आत्मा को दिव्य ऊर्जा प्राप्त होती है। श्रीकृष्ण को वासुदेव का पुत्र, योगेश्वर, जगतगुरु और करुणा का साक्षात स्वरूप माना जाता है। उनका नाम स्मरण करने मात्र से जीवन के कष्ट, भय और नकारात्मकता दूर होने लगती है। #krishnaay_vasudevay #krishna_mantra_jaap #shree_krishna_mantra