प्रेमचंद हिंदी साहित्य के शिखरपुरुष हैं। हिंदी के पाठकों में इतना लोकप्रिय और प्रभाव रखने वाला कोई और दूसरा लेखक नहीं है। आज भी हिंदी में सबसे अधिक पुस्तकें प्रेमचंद की ही बिकती हैं, यह उनके व्यापक प्रभाव और दखल को बतलाता है। अपनी कहानियों के माध्यम से उन्होंने जिस यथार्थवाद को हिंदी पाठकों के सामने रखा, उनसे पहले अन्य किसी गद्य लेखक द्वारा यह संभव नहीं हो पाया था। जासूसी और अय्यारी से संबंधित कहानियों में मनोरंजन ढूंढने वालों को प्रेमचंद भारत की समस्याओं का दिग्दर्शन करवाते हैं। उनके शुरुआती लेखन में आदर्शवाद पर बाल दिखता जरूर है किंतु उत्तरोत्तर वे यथार्थवादी होते गए हैं। #hindibhashakunj @Katha Samrat Premchand