श्री राम अष्टकम्- भजे विशेष सुंदरम्, SRI RAMA ASHTAKAM भजे विशेष सुंदरम् समस्त पाप खंडनम् । स्वभक्त चित्त रंजनम् सदैव राम मद्वयम् ॥1 जटा कलाप शोभितम् समस्त पापनाशकम् । स्वभक्त भीति भंजनम् भजेह राम मद्वयम् ॥2 निज स्वरूप बोधकम् कृपाकरम् भवापहम् । समम् शिवम् निरंजनम् भजेह राम मद्वयम् ॥3