मऊ : करणी सेना के जिलाध्यक्ष व समर्थकों द्वारा पिछले दिनों सपा पिछड़ा वर्ग प्रदेश सचिव के साथ हुई मारपीट का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। मंगलवार को चौहान स्वाभिमान संघर्ष समिति के बैनर तले करणी सेना के जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी के लिए सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां चारों तरफ पुलिस की पहरेदारी देख बुनकर कालोनी लौटे। यहां प्रदर्शन कर गुस्साएं प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इससे राजमार्ग के दोनों तरफ वाहनों के पहिए थम गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। लगभग दो घंटे बाद किसी तरह पुलिस धरना-प्रदर्शन समाप्त करा पाने में कामयाब हुई। इसके पूर्व जिला मुख्यालय के पहले ही कई जगह प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे चौहान समाज के लोगों को पुलिस ने रोक दिया। चौहान समाज द्वारा आयोजित धरने में शामिल होने के पूर्व ही सुबह जनवादी पार्टी के प्रदेश सचिव एवं जिले के कार्यकर्ताओं को उनके आवास पर ही पुलिस ने नजरबंद कर दिया। इसके साथ ही भीटी ओवरब्रिज के पास ही कई लोगों को पुलिस ने रोक दिया। यहां आक्रोशितों ने क्षेत्राधिकारी को पत्रक सौंपा। कलेक्ट्रेट में सैकड़ों की संख्या में चौहान समाज के लोग पहुंचे। यहां पहले से ही पुलिस की तैनाती थी। पुलिस ने परमिशन न होने का हवाला देकर लौटा दिया। इसके बाद आक्रोशित बुनकर कालोनी पहुंचे और धरना-प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान उनके नेताओं ने संबोधित भी किया। बार-बार अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी परमिशन न होने का हवाला देते हुए धरना समाप्त करने की अपील करते रहे परंतु उन पर कोई असर नहीं हुआ। इसी दौरान गुस्साए लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। इस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए हटाया। जनता क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष-श्री अनिल सिंह चौहान जी उपस्थित रहें। साथ मे सुभासपा के जिला अध्यक्ष-रामजीत राजभर अर्जुन चौहान,दिनेश राजभर,पंकज राजभर,कमलेश राजभर,बब्लू राजभर,मणिन्द्र चौहान,राहुल राजभर,अरविन्द राजभर,पिंकू कुमार बागी,राम हरख चौहान, सहित हम सभी क्रांतिकारी कार्य कर्ताओं ने जमकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए,और आरोपी पर गुंण्डा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने और उचित कार्यवाही की मांग किए। मऊ कलेक्ट्रेट परिसर पुलिस छावनी मे तब्दील रहा।