राज्यसभा चुनाव से पहले गुजरात कांग्रेस की स्थिति दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है...वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला के इस्तीफे के बाद 6 विधायकों ने भी हाथ का साथ छोड़ दिया है... विधायकों की इस टूट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के राज्यसभा पहुंचने की राह मुश्किल होती दिख रही है। शुक्रवार को पार्टी के 3 विधायक बलवंत सिंह राजपूत, डॉक्टर तेजश्री पटेल और पीआई पटेल कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे। वहीं एक दिन बाद शनिवार को छनाभाई चौधरी, रामसिंह परमार और मान सिंह चौहान ने भी पार्टी को अलविदा कह दिया। इतना ही नहीं जामनगर ग्रामीण से विधायक राघव सिंह पटेल ने कहा कि वह अगला चुनाव कांग्रेस से नहीं लड़ेंगे और जब बीजेपी कहेगी, तब वो इस्तीफा दे देंगे। हाल फिलहाल इस्तीफा देने वाले कांग्रेस विधायकों की संख्या अब 6 हो गई है...कांग्रेस से घटते विधायक वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के लिए मुसीबत बनते जा रहे है...क्योंकि बीजेपी ने पूर्व कांग्रेस नेता बलवंत सिंह राजपूत को ही चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है...बलवंत सिंह राजपूत को मैदान में उताने के पीछे बीजेपी का कारण, अहमद पटेल को संसद के ऊपरी सदन में फिर से निर्वाचित होने से रोकना है। बीजेपी उम्मीद जता रही है कि बलवंत सिंह को वाघेला समर्थक विधायकों का समर्थन भी मिल सकता है। आपको बता दें कि विधायक बलवंत सिंह राजपूत, तेजश्रीबेन पटेल और प्रहलाद पटेल के इस्तीफे के बाद अब 182 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या घटकर 51 रह गई है। कांग्रेस उम्मीदवारों को अब जीत के लिए कम से कम 48 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। उधर इस मुद्दे को लेकर राज्यसभा में भी जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेसी नेता आनंद शर्मा और गुलाम नबी आजाद ने इस मुद्दे को उठाया। कांग्रेस ने राज्यसभा में गुजरात विधायकों के इस्तीफे को बीजेपी की चाल बताया।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि...बीजेपी पैसे देकर विधायकों की खरीद-फरोख्त कर रही है...