आज नवरात्रि दुर्गा अष्टमी की कथा सुनने मात्र से होगें सुखी, धनवान निरोगी Durga Ashtami ki Katha

आज नवरात्रि दुर्गा अष्टमी की कथा सुनने मात्र से होगें सुखी, धनवान निरोगी Durga Ashtami ki Katha

आज नवरात्रि दुर्गा अष्टमी की कथा सुनने मात्र से होगें सुखी, धनवान निरोगी Durga Ashtami ki Katha Navratri | Chaitra Navratri 2022 | Navratri 2022 | नवरात्रि 2022 | नवरात्रि | चैत्र नवरात्रि | चैत्र नवरात्रि 2022 | नौराते | Navdurga | Durga | नवदुर्गा | कन्या पूजन | Kanya Pujan | Navratri Navratri 2022 : नवरात्रि के पर्व का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. नवरात्रि में पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. शास्त्रों में मां दुर्गा को शक्ति का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि नवरात्रि में विधि पूवर्क पूजा करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और कष्ट, रोग, शत्रु से मुक्ति मिलती है Chaitra Navratri 2022 Date : हिंदू घर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, नवरात्रि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होते हैं और अगले नौ दिनों तक चलते हैं। इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ रूपों को पूजा जाता है। इस बार चैत्र नवरात्रि का आरंभ 2 अप्रैल से हो रहा है और 11 अप्रैल को समाप्त होंगे। कहते हैं नवरात्रि में जो व्यक्ति पूरे विधि विधान से नौ दिनों तक मां दुर्गा की उपासना करता है देवी उससे प्रसन्न होती हैं और अपना कृपा बनाए रखती हैं। इस बार घोड़े पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा 02 अप्रैल, शनिवार से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहे हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक नवरात्रि पर मां दुर्गा पृथ्वी पर अलग-अलग वाहनों से आती हैं जिसका विशेष महत्व होता है। वार के अनुसार मां दुर्गा का वाहन तय होता है। इस बार चैत्र नवरात्रि शनिवार से शुरू हो रहे हैं ऐसे देवी दुर्गा घोड़े पर सवार होकर पृथ्वी पर आएंगी। चैत्र नवरात्रि 2022 की तिथियां चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि, 02 अप्रैल, पहला दिन: मां शैलपुत्री की पूजा, कलश स्थापना चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि, 03 अप्रैल, दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, 04 अप्रैल, तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा की पूजा चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि, 05 अप्रैल, चौथा दिन: मां कुष्मांडा की पूजा चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि, 06 अप्रैल, पांचवा दिन: देवी स्कन्दमाता की पूजा चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि, 07 अप्रैल, छठा दिन: मां कात्यायनी की पूजा चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि, 08 अप्रैल, सातवां दिन: मां कालरात्रि की पूजा चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि, 09 अप्रैल, आठवां दिन: देवी महागौरी की पूजा, दूर्गा अष्टमी चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि, 10 अप्रैल, नौवां दिन: मां सिद्धिदात्री की पूजा, राम नवमी चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि, 11 अप्रैल, दसवां दिन: नवरात्रि का पारण, हवन ☀️ नवरात्रि - 2 अप्रैल से 10 अप्रैल तक 👉 घटस्थापन शुभ मुहूर्त - 2 अप्रैल सुबह 06 बजकर 10 मिनट से सुबह 8 बजकर 31 मिनट तक। अवधि- 2 घंटे 21 मिनट 👉 घटस्थापना अभिजित मुहूर्त- 2 अप्रैल दोपहर 12 बजे से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक अवधि - 00 घंटे 50 मिनट हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। इस काल में भक्त मां दुर्गा के पूजन के साथ व्रत और संयम के कठोर नियमों का भी पालन करते हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि में निषिद्ध कार्यों के बारे में.... 1-नवरात्रि में सात्विक भोजन ही करना चाहिए। नवरात्रि के नौ दिन तामसिक भोजन मांस, मदिरा तथा लहसुन,प्याज आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। 2- जो लोग मां के नौ दिन के व्रत रह रहे हो उन्हें नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। अधिक जरूरत पड़ने पर सेंधा नमक का सेवन कर सकते हैं। 3- नवरात्रि के नौ दिन नहाने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। नवरात्रि के प्रत्येक दिन पूजन के पहले पूरे घर की सफाई जरूर करें। 4- नवरात्रि में दाढ़ी, बाल और नाखून नहीं कटवाए जाते हैं। नव दिनों तक मां का पूजन करने के बाद दाढ़ और बाल कटवा सकते हैं। 5- नवरात्रि के पूजन में चमड़े के प्रयोग से बचें तथा मां दुर्गा के मंदिर में भी दर्शन करने जाए तो चमड़े के बेल्ट और पर्स ले कर न जाएं। 6- मां दुर्गा की खण्डित मूर्ति का पूजन नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से अशुभ फल की प्राप्ति होती है। 7- पूजा के दौरान मंत्र और पाठ का सही उच्चारण करना चाहिए। जो मंत्र या पाठ अधिक कठिन लगे उन्हें पढ़ने से बचें। 8- मां दुर्गा की पूजा का अंत आरती गा कर करना चाहिए, ऐसा करने से पूजन की गलतियों की क्षमा मांगनी चाहिए। नवरात्रि व्रत पारण करने से पहले लोग कन्या पूजन करते हैं तथा कन्याओं को भोजन करवाकर उनका आशीर्वाद लेते हैं। कन्या पूजन के लिए लोग महाष्टमी और महा नवमी तिथि अनुकूल समझते हैं। महाष्टमी तिथि पर मां महागौरी की पूजा करने के बाद लोग घर में हवन करवाते हैं। वहीं कुछ लोग महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा करने के बाद हवन करवाते हैं। हवन करवाने के बाद कन्या पूजन किया जाता है फिर व्रत का पारण करते हैं। #9april #navratri2022 #chaitranavratri #नवरात्रि #navratri #navratripujavidhi #चैत्रनवरात्रि2022 #chaitra_navratri_2022 #upay #उपाय #durgapuja2022 #नवरात्रि2022 #kanyapujan #navratrikeupay #ks3radhekrishna राधे राधे लिखकर कमेंट जरुर करे Radhe Radhe Dosto, Thanks for Watching, Welcome to my channel Ks3 Radhe-Krishna Shringar हमारे चैनल को Subscribe करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें "    / ks3radhekrishnashringar   " We Pray for a Happy Life for the Whole of Humanity, May You Always stay Blessed & Happy 🙏