"भक्त को भगवान से और जिज्ञासु को ज्ञान से जोड़ने वाला एक अनोखा अनुभव। तिलक प्रस्तुत करते हैं दिव्य भूमि भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थानों के अलौकिक दर्शन। दिव्य स्थलों की तीर्थ यात्रा और संपूर्ण भागवत दर्शन का आनंद। दर्शन दो भगवान! Watch the video song of ''Darshan Do Bhagwaan'' here - • दर्शन दो भगवान | Darshan Do Bhagwaan | Sur... अयोध्या त्याग कर महर्षि वाल्मीकि के आश्रम पहुंची सीता जी को महर्षि से नया नाम वन देवी मिलता है, क्योंकि उसने अपने नाम व पहचान का भी त्याग कर दिया था। महर्षि ने अन्य आश्रम वासियों को निर्देश दे रखा था कि वह सीता से अनावश्यक प्रश्न न करें और माता गौतमी ने कह रखा था कि वन देवी को अकेला न छोड़ा जाए अन्यथा वह स्वर्गलोक से ऊपर अपने लोक में वापस चली जाएंगी। सीता जी के चुपचाप रहने पर आश्रम की अन्य स्त्रियां अचंभित रहती है। सीता आश्रम में और श्री राम अपने महल में घास बिछा कर धरती पर सोने लगते है। सीता जी आश्रम में अन्य स्त्रियों की भांति आश्रम के कार्यों में सहयोग करने लगती है, लेकिन उनके चेहरे की चमक मंद पड़ जाती है। वही दूसरी तरफ श्री राम राज्य भी राज-काज में व्यस्त हो जाते है। लेकिन दोनों को समय-असमय पर पुरानी स्मृतियाँ याद आती है, वे एक दूसरे के बारे में सोच कर अश्रु में डूबने लगते है। उनकी यह स्थिति देख तीनों लोक भी सहम जाते है। सीता का यह दशा देख कर महर्षि विचलित हो जाते है कि इस तरह विधि का विधान कैसे बढ़ेगा। अंततः वह एक रात्रि में गुमसुम अकेले बैठी सीता जी समझाते है कि उसने वचन दिया था कि वह अपनी संतान को इस योग्य बनाएंगी कि वह राम के नाम और कीर्ति को और उज्ज्वल करेंगे। इसलिए यदि वह उदास रहेगी तो गर्भस्थ शिशु पर अच्छे संस्कार कैसे पड़ेंगे। महर्षि के वचनों को सुनकर सीता को अपनी गलती का आभास होता है, वह क्षमा माँगती है। महर्षि क्षमा करते हुए उसे देवी का शक्ति प्राप्त होने के आशीर्वाद भी देते है। महाकाव्य रामायण का एक अति महत्वपूर्ण काण्ड है - उत्तर काण्ड अर्थात उत्तर रामायण, रावण के वध के पश्चात श्री राम के सीता सहित अयोध्या वापस आकर राजसिंहासन संभालने की कथा, एक बार पुनः श्री राम सीता के बिछड़ने की कथा, लव-कुश की कथा। श्री राम के राजकीय जीवन और पारिवारिक जीवन के अंतर्द्वंद्व का चित्रण, जिसे रामायण धारावाहिक की सफलता के पश्चात जन भावना को ध्यान में रखते हुए रामानंद सागर जी ने रविन्द्र जैन के मधुर गीत-संगीत से लयवद्ध करा के “उत्तर रामायण” के रूप में प्रस्तुत किया। “तिलक” अपने इस नये संकलन “गीत-संवाद” में उत्तर रामायण के अनेक काव्यबद्ध प्रसंगों को आपके समक्ष प्रस्तुत करेगा। भक्ति भाव से इनका आनन्द लीजिये और तिलक से जुड़े रहिये। #tilak #ramayan #kathayen #divyakathayen #ayodhya #ayodhyarammandir #rammandir