पूर्णिमा के दिन शरीर में होते हैं ये नुकसान, बचने के लिए करें ये अचूक उपाय

पूर्णिमा के दिन शरीर में होते हैं ये नुकसान, बचने के लिए करें ये अचूक उपाय

हिन्दू धर्म और ज्योतिष में तिथियों का विशेष महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर तिथि मनुष्य के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती है खासकर पूर्णिमा और अमावस्या तिथि। हिन्दू पंचांग के मुताबिक साल में 12 पूर्णिमा और 12 अमावस्या तिथि आती हैं। प्रत्येक महीने के 30 दिन को चन्द्र काल के अनुसार 15-15 दिन के दो पक्षों में विभाजित किया गया है। एक पक्ष को शुक्ल पक्ष तो दूसरे पक्ष को कृष्ण पक्ष कहा जाता है। जब शुक्ल पक्ष चल रहा होता है तो उसके अन्तिम दिन यानी 15वें दिन को पूर्णिमा कहते हैं वहीं जब कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन होता है तो वह अमावस्या होती है। आज के इस वीडियो में हम सिर्फ पूर्णिमा तिथि के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे और बताएँगे कि पूर्णिमा तिथि का ज्योतिषीय और वैज्ञानिक महत्व क्या है? पूर्णिमा के दिन शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? पूर्णिमा के दिन क्या करें? पूर्णिमा के दिन क्या न करें? पूर्णिमा के दिन किये जाने वाले टोटके? पूर्णिमा के दिन शरीर पर होने वाले बदलाव? वर्ष की 12 पूर्णिमाओं में कार्तिक पूर्णिमा, माघ पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा आदि मुख्य पूर्णिमा मानी गई हैं। भारत का प्रमुख हिंदी समाचार विचार पोर्टल प्रभासाक्षी.कॉम पिछले डेढ़ दशक से भी अधिक समय से देश और विदेशों के कोने-कोने में हिंदी पाठकों का चहेता बना हुआ है। प्रभासाक्षी.कॉम पर आपको देश-विदेश, राजनीति, बॉलीवुड, खेल जगत, महिला जगत, फैशन, पर्यटन एवं स्वास्थ्य आदि से जुड़ी हर खबर मिलेगी आपको सबसे पहले, विजिट करें - https://www.prabhasakshi.com/ Follow करें हमें ट्विटर पे -   / prabhasakshi   Like करें हमारा Facebook पेज -   / prabhasakshi   सब्सक्राइब करें हमारा YouTube चैनल -    / prabhasakshinews