नवरात्रि में कन्याओं को ये 3 चीजें भूलकर भी ना खिलाये। व्रत और कन्या पूजन का नही मिलेगा फल।

नवरात्रि में कन्याओं को ये 3 चीजें भूलकर भी ना खिलाये। व्रत और कन्या पूजन का नही मिलेगा फल।

नवरात्रि में कन्याओं को ये 3 चीजें भूलकर भी ना खिलाये। व्रत और कन्या पूजन का नही मिलेगा फल। नवरात्रि कन्याओं को ये 7 चीजें खिलाने की गलती ना करें Navratri 2021 / Kanya Pujan 2021 / नवरात्रि Navratri | Shardiya Navratri 2021 | Navratri 2021 | नवरात्रि 2021 | नवरात्रि | शारदीय नवरात्रि | शारदीय नवरात्रि 2021 | नौराते | Navdurga | Durga | नवदुर्गा | कन्या पूजन | Kanya Pujan | Navratri vrat | Navratri puja | Durga Ashtami | दुर्गा अष्टमी | Mha navmi Shardiya Navratri 2021 Date: 6 अक्टूबर से पितृपक्ष (Pitru Paksha) समाप्त हो जाएंगे 7 अक्टूबर से नवरात्रि (Navratri 2021) शुरू हो जाएगी. 14 अक्टूबर को महानवमी (Maha Navami) मनाई जाएगी और 15 अक्टूबर को दशहरे (Dussehra 2021) का त्योहार मनाया जाएगा. 14 अक्टूबर तक चलने वाले इन दिनों में मां दुर्गा Maa durga के अलग-अलग स्वरूपों नवदुर्गा Navdurga की पूजा की जाती है. शास्त्रों में मां दुर्गा के नौ रूपों का बखान किया गया है. नवरात्र के दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करने से विशेष पुण्य मिलता है. मान्यता है कि मां दुर्गा अपने भक्तों के हर कष्ट हर लेती हैं. महिषासुर मर्दिनी का आगमन डोली पर हो रहा है। शास्त्रत्त् मर्मज्ञ इस माध्यम से मां का आना अच्छा नहीं मान रहे। माता की सवारी को लेकर कहते हैं कि ‘डोलायां मरणं ध्रुवम’ मतलब डोली से आने वाली माता प्राकृतिक आपदा, महामारी आदि की तरफ इशारा करती हैं। हालांकि मां की विदाई हाथी पर हो रही है। इसे शुभ सौभाग्य सूचक मानते हैं | शारदीय नवरात्रि 2021 की तिथियां 7 अक्टूबर (पहला दिन)- मां शैलपुत्री की पूजा 8 अक्टूबर (दूसरा दिन)- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा 9 अक्टूबर (तीसरा दिन)- मां चंद्रघंटा व मां कुष्मांडा की पूजा 10 अक्टूबर (चौथा दिन)- मां स्कंदमाता की पूजा 11 अक्टूबर (पांचवां दिन)- मां कात्यायनी की पूजा 12 अक्टूबर (छठवां दिन)- मां कालरात्रि की पूजा 13 अक्टूबर (सातवां दिन)- मां महागौरी की पूजा 14 अक्टूबर (आठवां दिन)- मां सिद्धिदात्री की पूजा 15 अक्टूबर- दशमी तिथि ( व्रत पारण), विजयादशमी या दशहरा ☀️ नवरात्रि - 7 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक 👉 घटस्थापन शुभ मुहूर्त - 7 अक्टूबर सुबह 06 बजकर 17 मिनट से सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक। अवधि- 00 घंटे 47 मिनट 👉 घटस्थापना अभिजित मुहूर्त- 7 अक्टूबर सुबह 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। इस काल में भक्त मां दुर्गा के पूजन के साथ व्रत और संयम के कठोर नियमों का भी पालन करते हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि में निषिद्ध कार्यों के बारे में.... 1-नवरात्रि में सात्विक भोजन ही करना चाहिए। नवरात्रि के नौ दिन तामसिक भोजन मांस, मदिरा तथा लहसुन,प्याज आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। 2- जो लोग मां के नौ दिन के व्रत रह रहे हो उन्हें नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। अधिक जरूरत पड़ने पर सेंधा नमक का सेवन कर सकते हैं। 3- नवरात्रि के नौ दिन नहाने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। नवरात्रि के प्रत्येक दिन पूजन के पहले पूरे घर की सफाई जरूर करें। 4- नवरात्रि में दाढ़ी, बाल और नाखून नहीं कटवाए जाते हैं। नव दिनों तक मां का पूजन करने के बाद दाढ़ और बाल कटवा सकते हैं। 5- नवरात्रि के पूजन में चमड़े के प्रयोग से बचें तथा मां दुर्गा के मंदिर में भी दर्शन करने जाए तो चमड़े के बेल्ट और पर्स ले कर न जाएं। 6- मां दुर्गा की खण्डित मूर्ति का पूजन नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से अशुभ फल की प्राप्ति होती है। 7- पूजा के दौरान मंत्र और पाठ का सही उच्चारण करना चाहिए। जो मंत्र या पाठ अधिक कठिन लगे उन्हें पढ़ने से बचें। 8- मां दुर्गा की पूजा का अंत आरती गा कर करना चाहिए, ऐसा करने से पूजन की गलतियों की क्षमा मांगनी चाहिए। नवरात्रि व्रत पारण करने से पहले लोग कन्या पूजन करते हैं तथा कन्याओं को भोजन करवाकर उनका आशीर्वाद लेते हैं। कन्या पूजन के लिए लोग महाष्टमी और महा नवमी तिथि अनुकूल समझते हैं। महाष्टमी तिथि पर मां महागौरी की पूजा करने के बाद लोग घर में हवन करवाते हैं। वहीं कुछ लोग महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा करने के बाद हवन करवाते हैं। हवन करवाने के बाद कन्या पूजन किया जाता है फिर व्रत का पारण करते हैं। #13october #navratri2021 #durgaashtami #shardiyanavratri #नवरात्रि #navratri #kanyapujan #durgaashtami2021 #navmi #dussehra #upay #उपाय #durgapuja2021 #नवरात्रि2021