#Trending #ACB TRAP #ACB TRAP IN BHILWARA #DGP IN BHILWARA #BHILWARA राजस्थान पुलिस के मुखिया डीजीपी डॉ.भूपेंद्र सिंह यादव जब भीलवाड़ा में पुलिस अधिकारियों को ईमानदारी की सीख दे रहे थे। तभी प्रताप नगर पुलिस थाने के हेड कांस्टेबल (दीवान) सहीराम विश्नोई और कांस्टेबल ओमप्रकाश जाट रिश्वत ले रहे थे। एंंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने दोनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया। एक लाख रुपए की यह रिश्वत सीआई चैनाराम चौधरी के नाम पर ली गई। एसीबी ने जब ये कार्रवाई की तब डीजीपी यादव भीलवाड़ा एसपी ऑफिस में पुलिस अधिकारियों की क्राइम मीटिंग ले रहे थे। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि रिश्वतखोर पुलिसकर्मियों में अपने मुखिया का भी खौफ नहीं है। दरअसल, टोंक जिले के मालपुरा निवासी शरीफ खान के खिलाफ प्रतापनगर थाने में मुकदमा संख्या 380 चिटफंड धोखाधडी के मामले में दर्ज है। शरीफ खान को केस में बचाने के लिए दीवान सहीराम व कांस्टेबल ओमप्रकाश ने मालपुरा निवासी नवीन टांक से सीआई चैनाराम चौधरी के नाम पर 3 लाख रुपए मांगे। सीआई इस मामले की जांच कर रहे हैं। टांक की शिकायत पर एसीबी की स्पेशल यूनिट ने सत्यापन करवाया। इस दौरान दीवान व सिपाही ने 2 लाख रुपए ले लिए। एसीबी ने टांक से शेष एक लाख रुपए लेते हुए कांस्टेबल ओम प्रकाश जाट को चित्तौडग़ढ़ रोड स्थित होटल रेडियंस से गिरफ्तार कर लिया। वहीं हेड कांस्टेबल सहीराम विश्नोई को प्रताप नगर थाने से धर लिया। एसीबी ने दोनों पुलिसकर्मियों के घरों पर भी तलाशी ली। दोनों ही पुलिसकर्मी कुछ समय से सुर्खियों में हैं। देखिए ये रिपोर्ट।