इस वीडियो में सुनिए शनिवार व्रत की वह पौराणिक कथा (Shanivar Vrat Katha) जो सिद्ध करती है कि कर्मफल दाता शनिदेव की दृष्टि से कोई नहीं बच सकता। 📜 कथा का सार: एक बार शनिदेव कैलाश पर्वत पर भगवान शिव के पास पहुंचे और कहा- "प्रभु, कल मेरी वक्र दृष्टि आप पर पड़ने वाली है।" महादेव ने शनिदेव की दृष्टि से बचने के लिए एक योजना बनाई और कैलाश छोड़कर धरती पर आए। उन्होंने एक हाथी का रूप धारण किया और दिन भर छिपे रहे। शाम को जब उन्होंने सोचा कि वे शनि की दृष्टि से बच गए, तब शनिदेव ने मुस्कुराकर उन्हें बताया कि "मेरी दृष्टि के कारण ही आपको देव योनि छोड़कर पशु (हाथी) योनि में रहना पड़ा।" ✨ इस वीडियो में आप जानेंगे: 🔹 शनिदेव और महादेव का अद्भुत संवाद 🔹 भगवान शिव ने हाथी का रूप क्यों लिया? 🔹 शनिदेव की वक्र दृष्टि का प्रभाव 🔹 शनिवार व्रत का महत्व और पूजा विधि शनिवार के दिन यह कथा सुनने से शनि की साढ़े साती और ढैया का प्रभाव कम होता है और घर में सुख-शांति आती है। प्रेम से बोलिए जय शनिदेव! जय महाकाल! 🔔 अगर आप शनिदेव के प्रकोप से बचना चाहते हैं, तो वीडियो को Like करें और कमेंट में "जय शनिदेव" (Jai Shani Dev) अवश्य लिखें। ---------------------------------------------------- Video Highlights / Your Queries Solved: Shanivar Vrat Katha in Hindi Shani Dev Aur Mahadev Ki Kahani Mahadev Bane Hathi (Story) Shani Dev Ki Vakra Drishti Saturday Fasting Story Shani Sade Sati Upay Lord Shiva and Shani Dev Shanivar Ki Pauranik Katha शनिवार व्रत कथा शनिदेव की कहानी ---------------------------------------------------- #ShanivarVratKatha #ShaniDev #Mahadev #ShanivarSpecial #ShaniKatha #SaturdayFast #LordShiva #ShaniSadeSati #HindiKahani #Bhakti #ReligiousStories