Sankat Mochan Hanuman Ashtak | Hanuman Astakam | Bajrang Bali Ashtak | Tuesday fast par jarur sune

Sankat Mochan Hanuman Ashtak | Hanuman Astakam | Bajrang Bali Ashtak | Tuesday fast par jarur sune

हनुमान अष्टक पाठ कैसे करें? (सरल और सटीक विधि) हनुमान अष्टक (तुलसीदास जी द्वारा रचित संकटमोचन हनुमानाष्टक) का पाठ बहुत शक्तिशाली है। सही विधि से करने से हनुमान जी की तुरंत कृपा मिलती है। पाठ की सरल विधि (स्टेप बाय स्टेप): शुद्धि और तैयारी सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। साफ लाल या पीले वस्त्र पहनें। हनुमान जी की मूर्ति/फोटो के सामने पूर्व या उत्तर दिशा में मुंह करके बैठें। आसन पर बैठें, दीपक जलाएँ, अगरबत्ती लगाएँ। सिंदूर, लाल फूल, लौंग-इलायची चढ़ाएँ। संकल्प लें हाथ में जल लेकर कहें: “मैं (अपना नाम) संकट नाश और हनुमान कृपा के लिए हनुमान अष्टक का पाठ कर रहा/रही हूँ।” प्रारम्भ पहले हनुमान चालीसा या बजरंग बाण पढ़ सकते हैं (वैकल्पिक)। फिर हनुमान अष्टक का पाठ शुरू करें। प्रत्येक चौपाई के बाद “बजरंग बाण की जय” या “जय हनुमान” बोलें। पाठ की संख्या सामान्य: 1, 3, 7 या 11 बार। विशेष संकट में: 21 या 108 बार। 40 दिन लगातार पाठ करने से चमत्कार होते हैं। सबसे शुभ समय मंगलवार और शनिवार। सुबह ब्रह्म मुहूर्त या शाम। रात में सोने से पहले पढ़ने से बुरे सपने नहीं आते। अंत में आरती करें (हनुमान जी की आरती)। प्रसाद (चूरमा, लड्डू, गुड़-चना) बाँटें। प्रार्थना करें: “हे हनुमान जी, मेरे संकट हरें, भक्ति दें।” विशेष टिप्स: महिला मासिक धर्म में भी पढ़ सकती हैं (हनुमान जी की कृपा में कोई बंधन नहीं)। यात्रा पर जाने से पहले पढ़ें – सुरक्षा मिलती है। रोग/संकट में रोज 11 बार पढ़ें। मन एकाग्र रखें – श्रद्धा सबसे बड़ा नियम है। हनुमान अष्टक पढ़ते ही मन में शांति और शक्ति का संचार होता है। जय हनुमान! जय संकट मोचन! #bajrangbali #hanumanji #hanumanbhakti