Sonam Wangchuk hunger strike: कब तक चलेगी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, सरकार पर उठे सवाल जंतर-मंतर से नीट (NEET) मामले को लेकर चल रही भूख हड़ताल से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, उन्हें देखकर फिल्म '3 इडियट्स' का वो मशहूर डायलॉग याद आता है— "सर, यह सुसाइड नहीं था... मर्डर था!" आज देश के छात्र और लद्दाख के पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) जंतर-मंतर पर लगातार भूख हड़ताल पर हैं. पहाड़ों की साफ हवा में रहने वाले सोनम जी के लिए दिल्ली की झुलसाने वाली गर्मी और प्रदूषण में बिना खाए-पिए बैठना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है. अनशन के कारण उनका वजन करीब 9 किलो तक कम हो चुका है और उन्हें चलने-फिरने के लिए भी सहारे की जरूरत पड़ रही है. लेकिन इस गंभीर स्थिति पर भी हायर अथॉरिटी और सिस्टम पूरी तरह खामोश है. जवानों के मददगार से 'एंटी-नेशनल' के टैग तक! यह वही सोनम वांगचुक हैं जिन्होंने बॉर्डर पर तैनात हमारे भारतीय सेना के जवानों के लिए 'सोलर-हीटेड मिलिट्री टेंट' बनाए थे, जिसकी तारीफ खुद भारत सरकार ने की थी. कुछ समय पहले जब वह इस्लामाबाद (पाकिस्तान) में यूनाइटेड नेशंस (UN) के पर्यावरण सम्मेलन में गए, तो उन्हें सोशल मीडिया पर 'एंटी-नेशनल' तक कहा गया. जबकि सच यह है कि उन्होंने उसी पाकिस्तान की धरती पर अंतरराष्ट्रीय मंच से पीएम नरेंद्र मोदी के पर्यावरण से जुड़े कामों की खुलकर तारीफ की थी. नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी और छात्रों के भविष्य को लेकर आज जो स्थिति बनी हुई है, उसके लिए आखिर कौन जिम्मेदार है? केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कब पूरी होगी? इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं. वीडियो को Like, Share करें और निष्पक्ष खबरों के लिए चैनल को Subscribe करना न भूलें! #SonamWangchuk #NEETProtest #JantarMantar #DharmendraPradhan #NEETPaperLeak #EducationMinistry #JusticeForStudents #DelhiProtest #CricketNews Produced by: Bhumi Edited by: Sumit Kumar Verma Official Website: https://www.prabhatkhabar.com/ Install Prabhat Khabar Android App: https://play.google.com/store/apps/de... Subscribe to our Channel: / prabhatkhabartv Like us on Facebook: / prabhat.khabar Follow us on Twitter: / prabhatkhabar Follow us on Instagram: / prabhat.khabar For Grievance related queries visit https://www.prabhatkhabar.com/grievance About The Company: वर्ष 1984 में स्थापित न्यूट्रल पब्लिशिंग हाउस लिमिटेड भारत के शीर्ष मीडिया एवं संचार समूहों में एक है. यह झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में सक्रिय है. इसके फ्लैगशिप ब्रांड का नाम है प्रभात खबर. कंपनी मोबाइल और गांवों के लिए निकलने वाले साप्ताहिक समाचार पत्र के जरिये इवेंट एवं आउटडोर, इंटरनेट, वैल्यू ऐडेड सर्विसेज भी देती है. प्रभात खबर महज एक समाचार पत्र नहीं है. यह लोगों की आवाज और आत्मा बन चुकी है. पत्रकारिता को समर्पित इस समाचार पत्र ने पत्रकारीय धर्म और उसके पारंपरिक मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया. इस संस्थान ने सदैव पत्रकारिता के मूल्यों का पालन किया. आज के दिन में प्रभात खबर भारत के सबसे ज्यादा प्रसारित हिंदी समाचार पत्रों की लिस्ट में सातवें नंबर (IRS Q4 2012) पर है. पाठक संख्या की वृद्धि के मामले में देश के 10 सबसे तेजी से बढ़ते हिंदी समाचार पत्रों में यह अखबार शीर्ष पर था. इस समाचार पत्र की संपादकीय टीम ने सुशासन और पाठक केंद्रित ऐसे विषयों को उठाया, जो आगे चलकर मुद्दा बन गया. प्रभात खबर रांची, जमशेदपुर, धनबाद, देवघर, पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और कोलकाता में प्रकाशित और प्रसारित होता है.