#Azamgarh#big news#bigbreking समाजवादी पार्टी के गढ़ में जनसभा को सम्बोधित करने पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में विश्वविद्यालय, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, लिंक एक्सप्रेस-वे जैसी विकास परक योजनाओं के साथ समाजवादी पार्टी और सांसद अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा को अपने कुनबे के विकास को ही प्रदेश का विकास मान रही थी, मुख्यमंत्री ने सपा की पूर्ववर्ती सरकार में अपराध, दलितों पर अत्याचार के साथ बसपा और कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि जब भी दलितों पर अत्याचार हुए तब सपा, कांग्रेस और बसपा मौन थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारोना काल खंड में आजमगढ़ के सांसद अखिलेश यादव इग्लैंड और अस्ट्रेलिया गये थे और यहां की जनता को लावारिश छोड़ दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ सदर लोकसभा के सगड़ी विधानसभा के समुंदपुर के मैदान में करीब एक घंटे से देर से जनसभा को सम्बोधित करने पहुंचे। इस दौरान उन्होने परिनिर्वाण दिवस पर बाबा साहेब डा0 भीम राव अंम्बेडकर को नमन करते हुए कहा कि ें भारत के संविधान ने उत्तर से दक्षिण पूरब से पश्चिम पूरे भारत को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य किया और पीएम मोदी के नेतृत्व में आज यही भारत एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना का ेसाकार कर रहा है। उन्होने कहा कि कुछ लोगों ने बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर के नाम पर राजनीति की। लेकिन जब भी उनपर अत्याचार होते थे, तो वे मौन साध लेते थे। सपा की सरकार में रामपुर में उस समय के सपा के नेता व मंत्री आजम खां के द्वारा वहां के दलितों को प्रताड़ित किया जा रहा था व उजाड़ा जा रहा हैं तब कांग्रेस व बसपा भी मौन थी। तो केवल भाजपा आन्दोलन कर रही थी। क्योकि वहां पर गरीबों, दलितों को उजाड़ कर उस समय सत्ताधारी दल का एक मंत्री सत्ता के संरक्षण में अराजकता पैदा कर रहा था, लेकिन ये हमें स्वीकार नहीं था। हम उस अत्याचार के खिलाफ लड़ रहे थे, सपा के समय तो अराजकता ही उसका पर्याय हो गया था, देश के अंदर एक नारा चल पड़ था, ‘जिस गाडी में सपा का झंडा, समझो कोई होगा जाना पहचाना गुंडा‘। लेकिन इस गुडागर्दी की कमर को तोड़ने का काम किसी ने किया तो हमारी सरकार ने वर्ष 2017 से शुरू किया। क्योकिय ये लोग सत्ता में आकर जिस प्रकार की तबाही इन लोगों ने तबाही मचाये थे। गरीबो, दलितों और जमिनों, व्यापारियों की प्रतिष्ठानों पर कब्जा कर जो अराजकता इन्होने पैदा की थी यह किसी से छिपा नहीं है। आजमगढ़ इसका सबसे बड़ा भुक्तभोगी है। आजमगढ़ के नौजवानों बाहर जाते थे तो पहचान का संकट खड़ा हो गया था। आजमगढ़ का नाम लेते ही लोग कहते थे यहां रूम खाली नहीं है। ये स्थित उन लोगों ने किया जो कोरोना काल में आजमगढ़ के लोगों को लावारिश छोड़ दिया। कोरोना काल में पीएम मोदी पूरे देश में सभी जनता का हाल-चाल ले रहे थे। प्रदेश अंदर सभी जिलो और आजमगढ में वह खुद तीन बार मेडिकल कालेज और अस्पतालों की व्यवस्था को देखने के लिए पहुंचे। सांसद और विधायक हाल-चाल जान रहे थे, पदाधिकारी सेवा के कार्य में जुटे थे लेकिन आजमगढ़ के सांसद नदारत थे, गायब थे, उनका कहीं पता ही नहीं था, एक बार मैने पूछा भी की सभी सांसदों का हाल-चाल लिया जा रहा तो अखिलेश यादव है कहा तो पहली बार पता चला की वह इगलैड, दूसरी बार अस्टेलिया गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजमगढ़ के लोगों उन्हे इग्लैड, अस्ट्रेलिया जाने के लिए नहीं चुना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वैक्सीन आयी तो सभी को सुरक्षा का कवच मिला। लेकिन अखिलेश यादव ने मोदी वैक्सीन और भाजपा की वैक्सीन बताकर विरोध किया था। मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उनसे पूछिये अब्बा जान लगा चुके है अब तो वैक्सीन लगा ही लेना चाहिए। अगर वे वैक्सीन लगा लेगें तो सच बोलेगें। झूठ पे झूठ बोलकर जैसे आजमगढ़ के लोगों को व प्रदेश के लोगों को धोखा दे रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने कहा कि आजमगढ में मुलायम सिंह यादव भी सांसद रहे, सपा की सरकार थी। विश्वविद्यालय नहीं मिला, एक्सप्रेस-वे नहीं मिला, एयरपोर्ट नहीं बन पाया था यानि यह सब काम सैफई में होने थे। आजमगढ़ विकास में कहां था। आजमगढ़ तो पेशेवर माफिया और अपराधियों को पश्रय देकर उनको अपने कंधे व सिर पर लेकर ढोते थे। उस पाप के घढ़े को लेकर घूमते थे। आजमगढ़ में माफियाओं को अपने साथ लेकर घुमते थे और पहचान का संकट आजमगढ़ के लोगों के सामने खड़ा हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने इसी आजमगढ़ को पूर्वांचला एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे दिया, जो आजमगढ़ होते हुए जा रहा है। दोहरीघाट, आजमगढ़, प्रयागराज तक फोरलेन की कनेक्टविटी भाजपा की सरकार ने दिया। आजमगढ़ राज्य विश्वविद्यालय दिया।