किसान आंदोलन का आज 23वां दिन है और किसान अपनी मांग को लेकर अभी भी अड़े हुए हैं. किसान सरकार से साफ-साफ कह रहे हैं कि कृषि कानून की वापसी के अलावा वो किसी भी बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं. किसानों का आरोप है कि सरकार इन कृषि कानूनों की आड़ में उद्योगपतियों के इशारे पर काम कर रही है और इसी के तहत एमएसपी और मंडियों को इस कानून के जरिए आने वाले वक्त में खत्म कर दिया जाएगा. किसानों की मानें तो कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग उनके अस्तित्व के लिए ही बड़ा खतरा है और इसके जरिए वो एक तरह से बड़े उद्योगपतियों के गुलाम बनकर रह जाएंगे. किसानों का साफ कहना है कि सरकार को इन कानूनों को वापस लेना चाहिए. इसी मांग को लेकर किसानों का धरना पिछले 23 दिन से जारी है. किसान दिल्ली की सीमाओं परअपनी मांग को लेकर डेरा डाले हुए हैं और सरकार के सामने लगातार अपनी मांग को बुलंद कर रहे हैं. सर्दी से सितम के बीच भी किसानों का धरना जारी है और वो सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. हालांकि, इस सबके बीच पीएम मोदी ने किसानों को ये भी भरोसा दिया है कि किसी भी हाल में एमएसपी खत्म नहीं होगी और ना ही मंडियां खत्म होने वाली हैं. हालांकि, विपक्ष इसको लेकर सरकार पर हमलावर हो रखा है.