गोलिया चलद चाहे देद जहर मरे से छोड़ले नैखहु कवनो कसार-  दरोगा साहनी एवं  विजय  बंजारा

गोलिया चलद चाहे देद जहर मरे से छोड़ले नैखहु कवनो कसार- दरोगा साहनी एवं विजय बंजारा

भोजपुरी लोक गीत