रामायण की बो फोटो जब श्री राम भगवान ने सबरी के जूठे बेर खाए थे || शबरी का इंतज़ार: शबरी ने बहुत लंबे समय तक श्री राम की प्रतीक्षा की थी। वह अपने गुरु महर्षि मतंग के कहे अनुसार राम के आने की राह देख रही थीं। भेंट और भोजन: जब श्री राम और लक्ष्मण सीता की खोज में भटकते हुए शबरी की कुटिया पर पहुँचे, तो शबरी बहुत प्रसन्न हुईं। उन्होंने अपने चखे हुए, मीठे बेर राम और लक्ष्मण को खिलाए, जो उनकी गहरी भक्ति का प्रतीक था। मार्गदर्शन: शबरी ने श्री राम को बताया कि उनकी पत्नी को खोजने में वानरराज सुग्रीव उनकी मदद कर सकते हैं और हनुमान जी से भी उनकी मुलाकात यहीं होगी। नवधा भक्ति का ज्ञान: शबरी ने श्री राम से भक्ति का ज्ञान माँगा, और राम ने उन्हें नवधा भक्ति (नौ प्रकार की भक्ति) का ज्ञान दिया, जिससे शबरी को परमधाम की प्राप्ति हुई।