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दया करी दोनों पै हर नै .शुरुआत में सत्ते व साथी कलाकारों के साथ मा.जी की गायकी की एक छोटी सी झलक
गायकी के शुरू के समय में गाते समय मास्टर जी व साथी कलाकारों के हौसले ओर ताकत का कोई जवाब ही नहीं था।
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दया करी दोनों पै हर नै .शुरुआत में सत्ते व साथी कलाकारों के साथ मा.जी की गायकी की एक छोटी सी झलक
दया करी दोनों प हर न - मास्टर सतबीर जी की जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं
तने दुनिया में बदनाम करी. उस समय सत्ते के पार्टी में आने के बाद मा. जी ने सबको पीछे छोड़ दिया
खोल कै किवाड़ बङग्या . मास्टर जी की बहुत पुरानी गाई हुई एक बहुत ही मजेदार रागनी
कर्मा करकै बात. राजकिशन त्यागी जी की पुरानी गाई हुई एक बहुत ही पसंदीदा रागनी
जात की बंजारी महारा टांडा। मा .सतबीर सिंह की पुराने समय की गाई हुई एक खुबसूरत रचना
हार उठा लिया हाथ. पुरानी तर्ज पर नौटंकी के किस्से से पाले राम की गाई हुई एक बहुत सुन्दर रचना
गंगा जी के खोला में । किस्सा:शाही लकड़हारा गायक:मा.महाबीर सिंह व साथी
इबकै बचग्या तै बजर का. मास्टर सतबीर सिंह की बहुत समय पहले गाई हुई एक बहुत अच्छी रागनी
जहाज भरण की त्यारी हो ली. गायक:-पाले राम
यो बाबा मेरी ज्यान सै . फिल्मी रंगों के माहिर सत्ते फरमाणीया की गाई हुई एक बहुत सुन्दर रागनी
कान पङा लिये मोडे होग्ये.मास्टर सतबीर सिंह की शुरूआती दौर की गाई हुई पसंदीदा रागनी
लाख चौरासी खतम हुई । मा. महाबीर चौपड़ा की आवाज में पं. जी का एक बहुत ही सुन्दर भजन
नीर की हो नीर की ।गायक-ब्रहमा नन्द मलिक किस्सा- राजा हरिश्चन्द्र
भली करी थी परमेश्वर नै. सेठ ताराचंद के किस्से से जगबीर कारौरिया की गाई हुई एक बहुत अच्छी रागनी
रात अंधेरी गिरती पड़ती . गायक- धनपत् (बाऊ) किस्सा - अंजना पवन
फिर हाथ जोड़ कै लड़की नै । ब्रहमा नन्द की आवाज में पं. लखमी चन्द की एक बहुत ही अच्छी रचना
शहर में ठहराले छत्री ।वीर विक्रमाजीत के किस्से से श्री भगवान की गाईहुई बहुत अच्छी रागनी
चौगरदे कै बाग हरा । मास्टर सतबीर सिंह की गाई हुई बहुत पुरानी रागनी
या पिंगला मनै बुलावै। कम्पीटिशन में राकेश किलोई वाले की गाई हुई एक बहुत बढिया रागनी