Israel, Hamas Ceasefire Deal: गाज़ा में 15-महीने से चल रहा युद्ध खत्म! नेतन्याहू को क्या मिला?

Israel, Hamas Ceasefire Deal: गाज़ा में 15-महीने से चल रहा युद्ध खत्म! नेतन्याहू को क्या मिला?

Israel, Hamas Ceasefire Deal: गाज़ा में 15-महीने से चल रहा युद्ध खत्म! नेतन्याहू को क्या मिला? करीब 15 महीने से इजराइल और हमास के बीच गाज़ा में चल रहे खूनी युद्ध ख़त्म होने के कागार पर है. दोनों पक्षों ने गाजा में लड़ाई रोकने तथा इजराइली बंधकों के बदले फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने के समझौते पर सहमति व्यक्त की है. इस समझौते से मिडिल ईस्ट जिसे वेस्ट एशिया भी बोलते हैं में 15 महीने से चल रहे युद्ध के संभावित अंत का रास्ता खुल गया है. यह समझौता मिस्र और कतर के मेडिएशन द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के समर्थन से महीनों तक चली वार्ता के बाद हुआ है. यह समझौता 20 जनवरी को अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शपथ ग्रहण से ठीक पहले हुआ है. इज़राइल-हमास युद्धविराम समझौते का मसौदा पहला चरण जिसे 42 दिनों में पूरा करना है इस प्रकार है पहला - हमास 33 बंधकों को रिहा करेगा, जिनमें महिला नागरिक और सैनिक, बच्चे और 50 से अधिक उम्र के नागरिक शामिल हैं दूसरा - इज़राइल प्रत्येक नागरिक बंधक के लिए 30 फ़िलिस्तीनी कैदियों को और प्रत्येक महिला सैनिक के लिए 50 फ़िलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा. तीसरा - युद्ध विराम लागु और इज़रायली सेना आबादी वाले क्षेत्रों से गाजा पट्टी के बॉर्डर पर वापस लौटेगी जो भी फिलिस्तीनि लड़ाई के कारन विस्थापित हुए है वो घर लौटना शुरू करेंगे और अधिक सहायता गाज़ा में भेजी जाएगी दूसरा चरण अगले 42 दिनों में लागू होगा. इसमें पहला है "स्थायी शांति" की घोषणा हमास बाकी बचे पुरुष बंधकों को और फिलीस्तीनी कैदियों के बदले में छोड़ेगा. हालाँकि अभी तक इजराइल कितने और फिलिस्तीनीओं को छोड़ेगा यह तय नहीं है. साथ ही साथ गाजा पट्टी से इजरायली सैनिकों की पूर्ण वापसी भी होगी तीसरा चरण - मृत फिलीस्तीनी लड़ाकों के शवों के बदले मृत इजरायली बंधकों के शव दिए जायेंगे गाजा में पुनर्निर्माण योजना का कार्यान्वयन गाजा के अंदर और बाहर आवाजाही के लिए सीमा को फिर से खोल दिया जायेगा यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के आतंकियों ने इजराइल में घुस कर हमला किया. इस हमले में 1,200 से अधिक इजराइल सैनिकों और नागरिकों की मौत हो गई और 250 से अधिक विदेशी और इजरायली बंधकों का अपहरण कर लिया गया. मारे गए लोगों में कई विदेशी भी शामिल थे