Gayasur Story | एक वरदान के कारण सभी राक्षस पहुंचे विष्णुलोक, फिर क्या हुआ? | Shraddha MH ONE #GayasurStory #GayaSurKiKahani #राक्षसगयासुरकीकहानी बिहार की राजधानी पटना से करीब 104 किलोमीटर की दूरी पर बसा है गया जिला. धार्मिक दृष्टि से गया जिला न सिर्फ हिन्दूओं के लिए बल्कि बौद्ध धर्म मानने वालों के लिए भी आदरणीय है.. बौद्ध धर्म के अनुयायी इसे महात्मा बुद्ध का ज्ञान क्षेत्र मानते हैं जबकि हिन्दू गया को मुक्तिक्षेत्र और मोक्ष प्राप्ति का स्थान मानते हैं, इसलिए हर दिन देश के अलग-अलग भागों से नहीं बल्कि विदेशों में भी बसने वाले हिन्दू आकर गया में अपने परिवार के मृत व्यकित की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना से श्राद्ध, तर्पण और पिण्डदान करते पाए जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते है की गया को मोक्ष स्थली का दर्ज़ा एक राक्षस गयासुर के कारण मिला है? . . . Gayasur Story | एक वरदान के कारण जब सभी देवता को सहना पड़ा नुकसान, फिर किसने की मदद | Shraddha MH ONE Gayasur Story | गया में पिंडदान क्यों किया जाता हैं? क्या है इसके पीछे का कारण? | Shraddha MH ONE Gayasur Story | जब भगवान ने गयासुर को दिया ये वरदान, तब राक्षसों ने उठाया लाभ | Shraddha MH ONE Gayasur Story | गयासुर के पुण्य से खुश होकर भगवान ने दिया ये वरदान, जानें इसके पीछे की कहानी | Shraddha MH ONE . . . Subscribe to our YouTube channel - https://bit.ly/2P0GzK7 Log in:- http://shraddha.mhone.in Like Us On:- / shraddhamh1 Follow Us On:- / shraddhamhone Like Us On:- / mhonemusic Follow Us On:- / mhoneworld . . . गयासुर, गयासुर की कहानी, gaya, gayasur, gayasur ki kahani, gayasur kaun tha, gya mein kyon karte hai pinddan, gaya mein pinddan kaha hota hai, gaya mein pinddan kaise hota hai, ancient stories, gayasur story, gayasur story hindi, gayasur vadh, gaya bihar, gaya ghat, Mahabharata, Ramayana, Gita, vishnu Purana, Pauranik, Sangrah, Mythology, katha, kahaniya, Veda, गयासुर की कथा, kaal chakra, kaalchakra, vishnupad mandir, gaya ji pind daan in hindi, गया में पिंडदान, pind daan in gaya in hindi, gaya ka itihas, vishnu bhakt gayasur, brahma vishnu mahesh, shiva vishnu brahma, vishnu avatar, gayasur vishnupad, Story of Gayasur, जानिए कैसे राक्षस 'गयासुर' के कारण गया बना मोक्ष स्थली