सावन के पावन महीने में भूलकर भी न करें यह  काम | Sawan Me Bhulkar Bhi Na Kare Ye  Kaam |Savan 2020

सावन के पावन महीने में भूलकर भी न करें यह काम | Sawan Me Bhulkar Bhi Na Kare Ye Kaam |Savan 2020

Savan 2020:पवित्र सावन के महीने में भूलकर भी न करें ये काम || श्रावण मास 6 जुलाई से 3 अगस्त 2020 पवित्र भगवान शिव जी के प्रिय सावन मास में भूलकर भी न करें ये काम #Savan #Savan_Somvar #श्रावण_मास पवित्र सावन,श्रावण मास माह शुरू होने के पहले जरूर करें ये 5 काम जो चाहोगें मिलेगागाड़ी,बंगला, बैंक बैलेंस,शिक्षा,नोकरी,शादी,प्रेम विवाह,सन्तान व सबकुछ 6 जुलाई से 3 अगस्त 2020 #सावन_सोमवार_व्रत ऐसे करें मिलेगा मनचाहा वरदान।।#Sawan_Somvar_Vrat_vidhi 2020 Solah Somvar #Somvar_Vrat Sawan 2020 start date Shravan month 2020 Sawan Somvar 2020 Start date Sawan ka pehla Somwar 2020 Date Sawan kab hai 2020 Date Sawan 2020 start date in Bihar Sawan 2020 start date Delhi Sawan Mela 2020 Shravan month 2020 Last Sawan somvar Sawan Shivratri 2020 Savan 2020 Dates sudarshan tv 1.सावन सोमवार, श्रावण मास, सावन माह, श्रावण सोमवार 2020,गुरु पूर्णिमा, देवशयनी एकादशी,5 जुलाई चन्द्र ग्रहण सावन माह 2020 सावन का महीना 2. मनोवांछित जीवनसाथी पाने के लिए अविवाहित युवतियां सोमवार का व्रत कर भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करती हैं। 3. यह व्रत करने से व्यक्ति को अकाल मृत्यु और दुर्घटना से मुक्ति मिलती है। भगवान शिव और माता पार्वती की भक्ति का मास है सावन, जानें सोमवार व्रत तिथि और लाभ 4. इस व्रत को करने से रोगी व्यक्ति निरोगी काया प्राप्त करता है, तो सामान्य जनों को सुखी और समृद्ध जीवन का वरदान प्राप्त होता है। 5. आप अपने वंश को बढ़ाना चाहते हैं तो सावन में हर रोज शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाएं। ऐसा करने से संतान सुख का योग प्रबल होता है। सावन सोमवार के व्रत में भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा की जाती है। प्राचीन शास्त्रों के अनुसार सोमवार के व्रत तीन तरह के होते हैं। सोमवार, सोलह सोमवार और सौम्य प्रदोष। सोमवार व्रत की विधि सभी व्रतों में समान होती है। इस व्रत को सावन माह में आरंभ करना शुभ माना जाता है। सावन सोमवार व्रत सूर्योदय से प्रारंभ कर तीसरे पहर तक किया जाता है। शिव पूजा के बाद सोमवार व्रत की कथा सुननी आवश्यक है। व्रत करने वाले को दिन में एक बार भोजन करना चाहिए। सावन सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में सोकर उठें। पूरे घर की सफाई कर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं। गंगा जल या पवित्र जल पूरे घर में छिड़कें। घर में ही किसी पवित्र स्थान पर भगवान शिव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।