#NiranjanSaar हम सर दीन दइआल न तुम सर अब पतीआर किआ कीजै ॥ बचनी तोर मोर मन मानै जन कउ पूरन दीजै ॥ १ ॥ हउ बल बल जाउ रमईआ कारने ॥ कारन कवन अबोल ॥ रहाउ ॥ बहुत जनम बिछुरे थे माधउ इह जनम तुम्हारे लेखे ॥ कहे रविदास आस लग जीवउ चिर भइओ दरसन देखे ॥ २॥ Facebook Page:- / niranjansaar YouTube Channel:- / @niranjansaar