वाशिंगटन की अदालत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एंट्री बैन के फैसले को रद्द कर दिया है, जिसके बाद अब अमेरिका में हर उस इंसान की एंट्री हो सकती है जिसके पास वैध वीज़ा है। तो वहीं फिलीपींस में भारी तदाद में लोगों ने ट्रंप की नीतियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया । दरअसल डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले को सबसे पहले सिएटल की अदालत से नकारा गया था, जिसके बाद बोस्टन की अदालत ने भी फैसले को गलत करार दिया था। लेकिन अब वॉशिंगटन की अदालत ने ट्रंप के सात देशों की एंट्री पर प्रतिबंध के फैसले को पूरी तरह रद्द कर दिया है। कोर्ट का यह फैसला पूरे अमेरिका में लागू हो गया है , जिसके चलते निरस्त किए गए 60 हजार वीजा बहाल कर दिए गए हैं। कोर्ट के इस फैसले को राष्ट्रपति ट्रंप ने हास्यास्पद बताया और इसे बदलने की बात कही है। ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि, ‘‘चूंकि एक जज ने प्रतिबंध हटा दिया है, कई सारे बुरे और खतरनाक लोग हमारे देश में घुस सकते हैं। यह एक भयानक फैसला है।.’’ हालांकि व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि वो न्याय विभाग में इस फैसले को चुनौती देंगे। तो वहीं दूसरी तरफ फिलीपींस की राजधानी मनीला में अमेरिकी दूतावास के सामने दर्जनों प्रदर्शनकारी ने ट्रंप की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। विरोध मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियो ने हाथों में बैनर थामे ट्रंप के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तो वहीं अमेरिका-फिलीपींस के संयुक्त सैन्याभ्यास की जमकर आलोचना की है। आपको बता दे कि अमेरिकी जनता के बीच ट्रंप को लेकर नाराजगी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। एक न्यूज रिपोर्ट की माने तो 20 जनवरी को शपथ लेने के बाद अभितक ट्रंप के खिलाफ 17 राज्यों में 52 केस दर्ज हो चुके हैं।कोर्ट के फैसले के बाद फिलहाल 7 देशों के लोगों के प्रवेश पर लगी पाबंदी बहाल हो गई है। लेकिन ट्रंप भी पीछे हटते नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में ये कहना मुश्किल है कि कब तक इन देशों की एंट्री पर बैन हटा रहेगा।