#chaitra_navratri #madhur_maithili_geet नवरात्रि साल में चार बार आती है। दो बार प्रकट एवं दो बार गुप्त। प्रकट नवरात्रि चैत्र एवं आश्विन माह में तथा गुप्त नवरात्रि आषाढ़ व माघ मास में आती है। हमारी संस्कृति में नारी की पूजा शक्ति के रूप में होती है। मां की आराधना शक्ति के रूप में की जाती है। चैत्र नवरात्रि के लिए घटस्थापना या कलश स्थापना चैत्र प्रतिपदा को होती है जो कि हिन्दू कैलेन्डर का पहला दिन होता है। अत: भक्त लोग साल से प्रथम दिन से अगले नौ दिनों तक माता की पूजा कर वर्ष का शुभारम्भ करते हैं। भगवान् राम का जन्मदिन चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन पड़ता है और इस कारण से चैत्र नवरात्रि को श्रीराम नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत भगवान् श्री राम द्वारा लंका विजय के लिए माता दुर्गा की आराधना करने से हुई। इस प्रकार हम देखते हैं कि दोनों नवरात्रि का सम्बन्ध शक्ति के साथ – साथ भगवान् श्री राम से भी है। Singer : Indu Mishra Music : Pt. Balram Das Mishra Sri Brajbhushan Mishra follow us on : / induzstudio / induzstudio / indu.mishra.754 @induzstudio