Nirbhaya Case Latest Update: क्या Union Budget 2020 ने रोकी निर्भया दोषियों की फांसी ?

Nirbhaya Case Latest Update: क्या Union Budget 2020 ने रोकी निर्भया दोषियों की फांसी ?

फिर एक लम्बा इंतजार मिल गया है, निर्भया ( Nirbhaya Gangrape Case ) के लिए न्याय चाहने वालों को। एक फरवरी ( 1 February ) को होने वाली फांसी टल गई, लेकिन इससे ज्यादा निराशा की बात कोर्ट की वो टिप्पणी है, जिसमें कहा गया कि फांसी अनंत समय के लिए टाल दी गई है। अब संशय यह भी है कि इन दोषियों को फांसी की सजा ना हो। इस सबके पीछे कहीं न कहीं राजनीतिक अप्रोच की बात भी सामने आ रही है। फांसी टलने के दो बड़े कारण माने जा रहे हैं। पहला तो यह कि फांसी की तारीख के दिन ही केंद्र का बजट तय था। निर्भया के चारों दोषियों को फांसी इसी 1 फरवरी को हो जाती तो देश ही नहीं यह दुनिया की बड़ी घटना होती। दुनियाभर की नजरें इन चार दोषियों की फांसी पर थी। ऐसे में बजट पर बड़ा संकट रहता, साथ ही केंद्र सरकार पर भी जो इस बजट के जरिए दिल्ली की जनता को इन विधानसभा चुनाव के लिए कुछ लुभावने वादे करने जा रही है। फांसी के चलते बजट को लगभग भुला ही दिया जाता या यों कहें कि यह देश के परिदृश्य में भी मामूली खबर की तरह ही होती। बजट की तारीख टल नहीं सकती थी क्योंकि आने वाले सप्ताह में ही दिल्ली चुनाव हैं, जो हर राजनीतिक पार्टी के लिए बड़ा मसला है। और भाजपा के लिए अपनी साख बचाए रखने का। इसीलिए बजट अभी ही पेश करना जरूरी रहा। #NirbhayaCase #Supremecourt #UnionBudget2020 दूसरा बड़ा कारण दिल्ली चुनाव ही हैं। निर्भया दोषियों को फांसी की बजाय आजीवन कारावास या उससे भी कठोर कारावास की मांग की जा रही है। मानधिकार कार्यकर्ताओं का बड़ा धड़ा दिल्ली में ही है, और फांसी का लगातार वो विरोध कर रहे हैं। देश के अन्य राज्यों के चुनावों या लोकसभा चुनावों में तो इस फांसी का राजनीतिक लाभ भाजपा को मिल सकता था, लेकिन राजधानी दिल्ली के विधानसभा चुनावों में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को नाराज करना, भाजपा के लिए गलत कदम हो सकता था। पहले ही राजधानी में जेएनयू, जामिया, शाहीनबाग जैसे बड़े मुद्दों के साथ भाजपा मुश्किल में है। निर्भया के दोषियों की फांसी उसे और भी मुश्किल में डाल सकती थी। #Tiharjail #PresidentRamnathKovind #MercyPetition इस राजनीति से इतर निर्भया की मां—पिता, उसकी वकील के साथ ही बड़ी संख्या में शुक्रवार को लोगों को निराशा हाथ लगी, जब यह फांसी टाल दी गई। निर्भया की मां रोती देखी गई। उनका सात सालों का संघर्ष अब और लम्बा होने वाला है, यह जानकर न्याय प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्या सभी अधिकार दोषियों के ही हैं, पीड़िता, जिससे निर्मम तरीके से बलात्कार के बाद मौत के घाट उतार दिया गया, क्या न्याय पर उसका अधिकार नहीं? हालांकि और भी कई सवाल है, फिलहाल इस केस में राजनीतिक पेंच फंस गया है। #LawyerIndiraJaising #AdvocateIndiraJaising #NirbhayaCase #NirbhayaCaseUpdate #IndiraJaising #NirbhayaMother #AshsDevi #SoniaGandhi #RajeevGandhi # lawyer of nirbhaya case #Nirbhaya #DelhiGangrape #NaliniSriharan #TiharJail #SupremeCourt #DelhiCourt #2012DelhiGangRape #DelhiHighCourt #HangingPunishment #WhoIsIndiraJaising #NirbhayaConvicts #Rajasthan_Patrika #User_Tasneem