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झुली गाई नही मनै दुःख । पंडित पंडित जी के प्रोग्राम में रामनिवास की गाई हुई बहुत सुन्दर रचना
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झुली गाई नही मनै दुःख । पंडित पंडित जी के प्रोग्राम में रामनिवास की गाई हुई बहुत सुन्दर रचना
तीन रोज हुये मनै तङपती नै। रामनिवास चटिया वाले की बहुत पुरानी गाई हुई रागनी
बिन भूमि जमींदारा सुन्ना! शिव कुमार की आवाज मे शहीद कवि मेहर सिंह का एक बढ़िया भजन
हट ज्या नै दूर पापण्-! पं. जगन्नाथ की पुराने रंग पर गायी हुई जानी चोर के किस्से से एक ओर रचना
त्रिलोकी भगवान तेरी है अजब निराली शान । रमेश का बहुत पहले का गाया हुआ बहुत अच्छा भजन
सखियाँ के महा करवादी। रामनिवास चटिया वाले की गाई हुई एक बहुत शानदार रागनी
के बुझैगा हाल रै सुण ।गायक:पं.जगन्नाथ किस्सा: पदमावत रचनाकार:पं.लख्मी चन्द
हे मालिक तेरा भजन करूँ जै । जगत सिंह सबोली वाले की गाई हुई कवि मेहर सिंह की एक गजब की रचना
ये दो जोड़े हाथ नाथ मेरी. ब्रह्मा नंद की आवाज मे पूर्ण मल के किस्से से एक अनसुनी रागनी
खोल्ये नहीं किवाड! चाप सिंह के किस्से से पाले राम की गायी हुई एक सुपर हिट रागनी
कोन्या फूल चमन कै म्हा-! गायक:- स्व. मा. सतबीर सिंह. किस्सा- सती बिपोला
ना यार बुरा ना प्यार बुरा ।ब्रहमा नन्द की आवाज में उनके गुरु ओमप्रकाश की एक अनसुनी रचना
कदे या पगड़ी थी रजपूत की ।गायक- सत्तु रोहणा वाले किस्सा- चाप सिंह
कट्ठी हो कै नहाण चलैंगी । पदमावत के किस्से से पं.लाल चन्द की गाई हुई एक दुर्लभ प्रस्तुती
हे मेरा व्याकुल हुया शरीर गायक: स्व. पंडित जगन्नाथ जी किस्सा: पदमावत
सच्चा ज्ञान करण की खातिर; त्यागी जी के स्वर्णिम समय का गंगा जी की महिमा पर एक बहुत ही सुन्दर भजन
मत भेजै मिश्राणी मनै । धर्मबीर की आवाज में पं.देबी दत्त की एक सुपर हिट रचना
जगबीर कारौरिया की पुराने समय की गायकी की एक छोटी सी झलक
रोक्या कोन्या टोक्या । गायक: मा.सतबीर सिंह व साथी किस्सा:पिंगला भरतरी
भाईयां की सूं चन्द्र गुप्त।गायक:सत्तु रोहना किस्सा: चन्द्रगुप्त धर्ममालकी