गंगा और आदि गंगा (ग़ोमती)संगम घाट [निर्माणाधीन] MARKANDEY MAHADEV DHAM KAITHI VARANASI GHAT NIRMAN

गंगा और आदि गंगा (ग़ोमती)संगम घाट [निर्माणाधीन] MARKANDEY MAHADEV DHAM KAITHI VARANASI GHAT NIRMAN

गंगा और आदि गंगा (ग़ोमती)संगम घाट [निर्माणाधीन] MARKANDEY MAHADEV DHAM KAITHI VARANASI GHAT NIRMAN Namskar Aap sabhi ka markandey mahadev mandir kaithi varanasi channel par svagat aur abhinandan hai About this video- श्री मारकण्डेय महादेव मंदिर कैथी वाराणसी में सरकार की सहायता से गंगा और आदि गंगा (ग़ोमती) पर घाट को एक नवनिर्मित रूप दिया जा रहा है जो अभी निर्माणाधीन है । गंगा ग़ोमती संगम के पवित्र भूमि को एक पौराणिक महत्व के साथ साथ आधुनिक पर्यटन क्षेत्र बनाने का प्रयास है जिससे जन मानस में व्याप्त बाबा मारकण्डेय महादेव जी का लोगों में आस्था और विश्वास को पूर्ण बल मिले ।यह वही तपोभूमि जिससे मारकण्डेय जी को चिरंजीवी होने का वरदान प्राप्त हुआ ,गर्ग ऋषि के तपस्थली, और न जाने कितने साधको के लिए यह तपोभूमि उनके मनोकामनाओं को पूर्णता प्रदान किया है । इस क्षेत्र में की गई साधनाये, अनुष्ठान, सभी पूर्ण फल देने वाले होते है । मृगश्रृंग नाम के एक ब्रह्मचारी थे। उनका विवाह सुवृता के संग संपन्न हुआ। मृगश्रृंग और सुवृता के घर एक पुत्र ने जन्म लिया। उनके पुत्र हमेशा अपना शरीर खुजलाते रहते थे। इसलिए मृगश्रृंग ने उनका नाम मृकण्डु रख दिया। मृकण्डु में समस्त श्रेष्ठ गुण थे। उनके शरीर में तेज का वास था।पिता के पास रह कर उन्होंने वेदों के अध्ययन किया। पिता कि आज्ञा अनुसार उन्होंने मृदगुल मुनि की कन्या मरुद्वती से विवाह किया। ✡️ मार्कण्डेय ऋषि का जन्म ✡️ मृकण्डु जी का वैवाहिक जीवन शांतिपूर्ण ढंग से व्यतीत हो रहा था। लेकिन बहुत समय तक उनके घर किसी संतान ने जन्म ना लिया। इस कारण उन्होंने और उनकी पत्नी ने कठोर तप किया। उन्होंने तप कर के भगवन शिव को प्रसन्न कर लिया। भगवान् शिव ने मुनि से कहा कि, “हे मुनि, हम तुम्हारी तपस्या से प्रसन्न हैं मांगो क्या वरदान मांगते हो”? तब मुनि मृकण्डु ने कहा, “प्रभु यदि आप सच में मेरी तपस्या से प्रसन्न हैं तो मुझे संतान के रूप में एक पुत्र प्रदान करें”। भगवन शंकर ने तब मुनि मृकण्डु से कहा की, “हे मुनि, तुम्हें दीर्घ आयु वाला गुणरहित पुत्र चाहिए। या सोलह वर्ष की आयु वाला गुणवान पुत्र चाहते हो?” इस पर मुनि बोले, “भगवन मुझे ऐसा पुत्र चाहिए जो गुणों कि खान हो और हर प्रकार का ज्ञान रखता हो फिर चाहे उसकी आयु कम ही क्यों न हो।” भगवान् शंकर ने उनको पुत्र प्राप्ति का आशीर्वाद दिया और अंतर्ध्यान हो गए। समय आने पर महामुनि मृकण्डु और मरुद्वती के घर एक बालक ने जन्म लिया जो आगे चलकर मार्कण्डेय ऋषि के नाम से प्रसिद्द हुआ। महामुनि मृकण्डु ने मार्कण्डेय को हर प्रकार की शिक्षा दी। महर्षि मार्कण्डेय एक आज्ञाकारी पुत्र थे। माता-पिता के साथ रहते हुए पंद्रह साल बीत गए। जब सोलहवां साल आरम्भ हुआ तो माता-पिता उदास रहने लगे। पुत्र ने कई बार उनसे उनकी उदासी का कारण जानने का प्रयास किया। एक दिन महर्षि मार्कण्डेय ने बहुत जिद की तो महामुनि मृकण्डु ने बताया कि भगवन शंकर ने तुम्हें मात्र सोलह वर्ष की आयु दी है और यह पूर्ण होने वाली है। इस कारण मुझे शोक हो रहा है। ऋषि श्री मारकंडेश्वर महादेव इतना सुन कर मार्कण्डेय ऋषि ने अपने पिता जी से कहा कि आप चिंता न करें मैं शंकर जी को मना लूँगा और अपनी मृत्यु को टाल दूंगा। इसके बाद वे घर से दूर एक जंगल में चले गए। वहां एक शिवलिंग स्थापना करके वे विधिपूर्वक पूजा अर्चना करने लगे। निश्चित समय आने पर काल पहुंचा। महर्षि ने उनसे यह कहते हुए कुछ समय माँगा कि अभी वह शंकर जी कि स्तुति कर रहे हैं। जब तक वह पूरी कर नही लेते तब तक प्रतीक्षा करें। काल ने ऐसा करने से मना कर दिया तो मार्कण्डेय ऋषि जी ने विरोध किया। काल ने जब उन्हें ग्रसना चाहा तो वे शिवलिंग से लिपट गए। इस सब के बीच भगवान् शिव वहां प्रकट हुए। उन्होंने काल की छाती में लात मारी। उसके बाद मृत्यु देवता शिवजी कि आज्ञा पाकर वहां से चले गए। मार्कण्डेय ऋषि की श्रद्धा और आस्था देख कर भगवन शंकर ने उन्हें अनेक कल्पों तक जीने का वरदान दिया। अमरत्व का वरदान पाकर महर्षि वापस अपने माता-पिता के पास आश्रम आ गए और उनके साथ कुछ दिन रहने के बाद पृथ्वी पर विचरने लगे और प्रभु की महिमा लोगों तक पंहुचाते रहे। श्री मार्कण्डेश्वर मंदिर परिसर धर्मक्षेत्र गंगा गोमती संगम के तट पर नेशनल हाईवे नंबर 31 के समीप विद्यमान है. ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Our some playlist- SHRI MARKANDEY MAHADEV MAHOTSAV-----    • Playlist   SHIV STUTI-----------    • Varanasi | SHIV STUTI | Markandey Mahadev ...   ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Other social link- You Tube -    / @markandeymahadev   Facebook-   / markandeymahadevkaithi   Google Map--- https://g.page/r/CQT_lAmosRjgEAE #मार्कण्डेयमहादेवमंदिर #markandeymahadev #markandeymahadevdham #markandeymahadevtemple #kaithi #markandeyji #markandeymahadevkaithivaranasi #touristplaceinvaranasi