जझ भी नहीं दे सका फेसला || माँ रोती और बिलखती रह गयी जनता की गीत को सुनकर आँखों से आशु रोक न सके

जझ भी नहीं दे सका फेसला || माँ रोती और बिलखती रह गयी जनता की गीत को सुनकर आँखों से आशु रोक न सके

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