यह वीडियो, "नागरिक शास्त्र अध्याय 3 BSEB" श्रृंखला का हिस्सा है जो कक्षा 10वीं बिहार बोर्ड के लिए है, इसमें "लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा और संघर्ष" (0:38-0:39) पर चर्चा की गई है। प्रशिक्षक बताते हैं कि यह अध्याय बताता है कि लोकतंत्र कैसे कार्य करता है, विशेष रूप से एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के भीतर प्रतिस्पर्धा और संघर्ष (0:55-1:05) पर ध्यान केंद्रित करता है। यहाँ मुख्य विषयों का सारांश दिया गया है: लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की भूमिका (9:19-9:39): वीडियो बताता है कि राजनीतिक दल कैसे बनते हैं, चुनावों में भाग लेते हैं, और अंततः सरकार बनाते हैं। लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी (9:42-10:50): यह बताता है कि क्यों सभी नागरिक सीधे राजनीतिक गतिविधियों में भाग नहीं लेते हैं, इसके कारणों में रुचि की कमी, आवश्यक कौशल की कमी, या अन्य व्यक्तिगत कारण शामिल हैं। जन संघर्ष और आंदोलन (12:27-13:08): वीडियो लोकतंत्र को मजबूत करने में जन संघर्षों और आंदोलनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देता है। यह बताता है कि कैसे ये आंदोलन सरकारों को जनता की मांगों पर कार्रवाई करने के लिए मजबूर करते हैं जब वे नागरिकों की चिंताओं को अनदेखा करती हैं। भारत में जन संघर्षों का ऐतिहासिक संदर्भ (13:09-14:26): चर्चा भारत में स्वतंत्रता के बाद के युग, विशेष रूप से 1970 के दशक, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण दशक था, पर केंद्रित है। इसमें बताया गया है कि कैसे इंदिरा गांधी की सरकार 1971 में सत्ता में आई। बिहार छात्र आंदोलन (20:03-27:32): बिहार छात्र आंदोलन का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिसमें आर्थिक और सामाजिक मुद्दे (20:34-21:59) शामिल हैं जिनके कारण मार्च 1974 में छात्र-नेतृत्व वाला आंदोलन हुआ। जयप्रकाश नारायण (22:49-23:22) के नेतृत्व में इस आंदोलन ने सरकार के इस्तीफे की मांग की। वीडियो में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस फैसले को भी शामिल किया गया है जिसमें इंदिरा गांधी के चुनाव को असंवैधानिक घोषित किया गया था (25:46-26:22) और उसके बाद आपातकाल की घोषणा (27:10-27:32) की गई थी। जनता पार्टी का उदय (29:30-29:48): आपातकाल के बाद, कांग्रेस सरकार के प्रति जनता के असंतोष के कारण जनता पार्टी ने 1977 के आम चुनावों में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। चिपको आंदोलन (32:20-33:17): यह खंड चिपको आंदोलन का वर्णन करता है, जिसका नेतृत्व सुंदरलाल बहुगुणा ने किया था, जिसमें ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं, पेड़ों को गले लगाकर व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए पेड़ों की कटाई का विरोध करती थीं। दलित पैंथर्स (33:18-37:10): वीडियो दलित पैंथर्स के बारे में बताता है, जो महाराष्ट्र में 1972 में (34:39-34:52) दलित युवाओं द्वारा गठित एक संगठन था, जिसने संवैधानिक प्रावधानों के बावजूद दलितों द्वारा सामना किए जाने वाले सामाजिक और आर्थिक उत्पीड़न, भेदभाव और हिंसा के खिलाफ लड़ाई लड़ी। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) (37:22-39:18): 1980 के दशक में बीकेयू के गठन पर चर्चा की गई है। इस संगठन ने किसानों के अधिकारों की वकालत की, जिसमें फसलों के लिए बेहतर कीमतों, कृषि उत्पादों पर अंतर-राज्यीय प्रतिबंधों को समाप्त करने, बिजली की गारंटीकृत आपूर्ति, और ऋण माफी की मांग शामिल थी। ताड़ी विरोधी आंदोलन (39:29-41:27): यह आंदोलन, मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश में महिलाओं द्वारा चलाया गया था, जिसने ताड़ी (एक नशीला पेय) की बिक्री का विरोध किया था। इस आंदोलन ने परिवार के वित्त और कल्याण पर ताड़ी के सेवन के नकारात्मक प्रभाव पर प्रकाश डाला। सूचना का अधिकार (आरटीआई) (41:43-43:13): वीडियो आरटीआई की अवधारणा को बताता है, जिससे नागरिकों को सरकारी निकायों से जानकारी मांगने की अनुमति मिलती है। यह आरटीआई आंदोलन की उत्पत्ति 1990 के दशक में राजस्थान के एक छोटे से गाँव में हुई थी (42:21-42:36)। पड़ोसी देशों में लोकतांत्रिक संघर्ष (44:56-52:59): वीडियो में नेपाल (44:56-46:58) और बांग्लादेश (50:11-52:59) में हुए लोकतांत्रिक आंदोलनों पर भी संक्षिप्त रूप से चर्चा की गई है, जिसमें उनके राजशाही या सत्तावादी शासन से लोकतांत्रिक प्रणालियों में परिवर्तन पर प्रकाश डाला गया है। BIHAR BOARD CLASS FOR CLASS 10TH नागरिक शास्त्र अध्याय 3 SATTA KI SAJHEDARI POLITY CIVICS CLASS 10TH RAJNITI SHASTRA FOR CLASS 1OTH NCERT SCERT BSEB BOOK BIHAR BOARD KI TAYARI BIHAR BOARD KI TAIYARI KAISE KRE CIVICS RAJNITISHASTRA CLASS 10TH FIRST CHAPTER #bseb #bseb #bseb #education #biharboardclasses #biharboard #scert #ncert #RAJNITISHSTRA #civics #bihar #class10th #biharboard2026