#whokilledmoosewala? #sidhumoosewalabirthday #moosewala #bhagatsingh #thespirallingstoryofviolenceinpunjab #moosewalaexclusiveinterview #interview #authorinterviews #jupinderjitsingh #jupinderjitsinghbook #bookonmoosewala #sidhumoosewalabirthday #sidhumoosewala #sidhumoosewalanewsong #sahityatak #sahityaaajtak #ep60 शहीद-ए-आजम भगत सिंह और लोकप्रिय पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला में क्या कोई तुलना या समानता हो सकती है? शायद नहीं...पर अपराध संवाददाता और चर्चित लेखक जुपिंदरजीत सिंह इनमें साम्य देखते हैं. उन्होंने मूसेवाला की दुःखद हत्या को पहले दिन से ही देखा और कवर किया था और इस पर 'Who Killed Moosewala? : The Spiralling Story of Violence in Punjab' नामक पुस्तक भी लिखी है. यह पुस्तक अभी-अभी वेस्टलैंड से प्रकाशित हुई है. यह संयोग है कि आज जब शुभदीप सिंह सिद्धू, जो सिद्धू मूसेवाला के नाम से बेहद चर्चित थे, और जिनकी रहस्यमय और क्रूर हत्या की जांच अब भी चल रही है, उनका आज जन्मदिन है. इस मौके पर 'बुक कैफे' के खास कार्यक्रम 'शब्द-रथी' में साहित्य तक स्टूडियो में उपस्थित हैं लेखक जुपिंदरजीत सिंह. पंजाबी हिप-हॉप के उभरते सुपरस्टार की हत्या और उसके बाद की जांच के विवरण के आधार पर पुस्तक लिखने की वजह बताते हुए सिंह कहते हैं कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मुझ पर गहरा प्रभाव पड़ा. एक अपराध रिपोर्टर के रूप में दो दशकों से अधिक समय तक, मैंने क्षत-विक्षत शव देखे हैं और रक्तरंजित अपराधों, आतंकवादी हमलों और पुलिस मुठभेड़ों की सूचना दी है. लेकिन इस संवेदनहीन हत्या ने मुझे अंदर तक झकझोर कर रख दिया, खासकर तब जब मैंने उनके दुखी माता-पिता के चेहरे देखे. 29 मई, 2022 को पंजाबी रैपर सिद्धू मूसेवाला पर घात लगाकर हमला किया गया और छह हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी. वह केवल अट्ठाईस वर्ष के थे. उनकी मृत्यु की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई; मनसा जिले में उनके गांव में अंतिम दर्शन के लिए प्रशंसकों का तांता लगा रहा. लाखों लोगों ने सोशल मीडिया पर उनका शोक मनाया. कई लोगों के लिए वे एक आइकन, तो कई के लिए विद्रोही युवक, तो कई के लिए वे विवादास्पद व्यक्ति रहे हैं. ऐसे लोगों का आरोप था कि उन्होंने बंदूक संस्कृति और हिंसा को बढ़ावा दिया. अफवाहें थीं कि उनके कुछ गिरोहों के साथ संबंध भी थे. ऐसे में उनकी अचानक, हिंसक क्रूर हत्या के पीछे के कारण को हर कोई जानना चाहता है कि मूसेवाला को किसने मारा था? जैसे ही पुलिस ने गिरफ्तारियां कीं और जांच गंभीरता से शुरू हुई, एक कहानी उभरने लगी- पुरानी दुश्मनी, असहज सच्चाई, असंतुष्ट युवा और पंजाब में सुलगती हिंसा, रोजमर्रा की जिंदगी की सतह के ठीक नीचे. अनुभवी क्राइम रिपोर्टर जुपिंदरजीत सिंह अपनी इस किताब में मूसेवाला की बर्बरतापूर्ण और साजिशन भरी हत्या, उसकी जांच, उसके पीछे की मानसिकता का बारीकी से अनुसरण करते हैं और हमें उस आदमी की झलक भी देते हैं जो सेलिब्रिटी के मुखौटे के पीछे था. जुपिंदरजीत सिंह पंजाब में बढ़ते अपराधों की वजह और 'उड़ता पंजाब' जैसी फिल्मों के पीछे की सच्चाई पर भी अपनी बात को रखते हैं. जुपिंदरजीत सिंह ने अब तक पांच पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें से दो का हिंदी में अनुवाद भी आ चूका है. लेखक ने अपनी पुस्तक 'शहीद भगत सिंह की खोई हुई पिस्तौल' की चर्चा करते हुए यह दावा किया कि गांधी की तरह उनकी भी अपनी अहिंसा थी और मूसेवाला भी हिंसावादी नहीं था. लेखकों से पुस्तकों पर आधारित चर्चा के विशिष्ट कार्यक्रम 'शब्द-रथी' में आज सुनिए 'Who Killed Moosewala? :The Spiralling Story of Violence in Punjab' के लेखक जुपिंदरजीत सिंह से हुई वरिष्ठ पत्रकार जय प्रकाश पाण्डेय की बातचीत. अंग्रेजी में इस पुस्तक को वेस्टलैंड नॉन-फिक्शन ने प्रकाशित किया है. पुस्तक अभी अंग्रेजी में है, इसमें 198 पृष्ठ हैं और इसका मूल्य है 499 रुपए. Facebook: / sahityatakofficial Instagram: / sahityatak Twitter: / sahitya_tak ............................ क्लिक कर देखें लेटेस्ट TAK फोटो गैलरी: https://www.tak.live/photogallery About the Channel Sahitya Tak आपके पास शब्दों की दुनिया की हर धड़कन के साथ I शब्द जब बनता है साहित्य I वाक्य करते हैं सरगोशियां I जब बन जाती हैं किताबें, रच जाती हैं कविताएं, कहानियां, व्यंग्य, निबंध, लेख, किस्से व उपन्यास I Sahitya Tak अपने दर्शकों के लिये लेकर आ रहा साहित्य के क्षेत्र की हर हलचल I सूरदास, कबीर, तुलसी, भारतेंदु, प्रेमचंद, प्रसाद, निराला, दिनकर, महादेवी से लेकर आज तक सृजित हर उस शब्द की खबर, हर उस सृजन का लेखा, जिससे बन रहा हमारा साहित्य, गढ़ा जा रहा इतिहास, बन रहा हमारा वर्तमान व समाज I साहित्य, सृजन, शब्द, साहित्यकार व साहित्यिक हलचलों से लबरेज दिलचस्प चैनल Sahitya Tak. तुरंत सब्स्क्राइब करें व सुनें दादी मां के किस्से कहानियां ही नहीं, आज के किस्सागो की कहानियां, कविताएं, शेरो-शायरी, ग़ज़ल, कव्वाली, और भी बहुत कुछ I Sahitya Tak - Welcome to the rich world of Hindi Literature. From books to stories to poetry, essays, novels and more, Sahitya Tak is a melting pot where you will keep abreast of what's the latest in the field of literature. We also delve into our history and culture as we explore literary gems of yesteryears from Surdas, Kabir, Tulsi, Bhartendu, Premchand, Prasad, Nirala, Dinkar, Mahadevi, etc. To know more about how literature shapes our society and reflects our culture subscribe to Sahitya Tak for enriching stories, poems, shayari, ghazals, kawali and much more. Subscribe Sahitya Tak now.