कभी कभी, एक छात्र ने बुद्ध से पूछा, गुरुदेव, मैं क्यों उदास और निराश हूँ? बुद्ध ने उत्तर दिया, यदि तू अपने मन के अनुसार नहीं चलेगा, तो तू कभी भी खुश नहीं रहेगा। छात्र ने अब और पूछा, पर कैसे मैं अपने मन को नियंत्रित करूँ? बुद्ध ने मुस्कान के साथ कहा, उसे अध्ययन करने और ध्यान करने से।"" इसके बाद, बुद्ध ने छात्र को एक कठिन पथ पर ले जाया। रास्ते में, बुद्ध ने बिना किसी चिंता के चलने का ज्ञान दिया, जैसे एक पेड़ के साथ एकाग्रता से बैठना और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेना। छात्र ने अंततः आत्म-सम्मान और आनंद का एक नया स्तर प्राप्त किया। इस कहानी का सीख है कि जब हम अपने मन को शांत करते हैं और अपने अंदर की शक्ति को पहचानते हैं, तो हम अपने जीवन में आनंद और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। WIZ Vibes से जुड़े रहें और चैनल को सब्सक्राइब करे।