कलियुग में धनाढय लोग लड़के-लड़की के विवाह में, मकान के उत्सव में, छोटे-बड़े उत्सवों में तो लाखों रूपये खर्च कर देंगे परन्तु पड़ोस में ही यदि कोई भूखा प्यासा होगा तो यह नहीं देखेंगे कि उसका पेट भरा है या नहीं। दूसरी और मौज-मौज में, शराब, कबाब, फैशन और व्यसन में पैसे उड़ा देंगे। किन्तु किसी के दो आँसूँ पोंछने में उनकी रूचि न होगी और जिनकी रूचि होगी उन पर कलियुग का प्रभाव नहीं होगा, उन पर भगवान का प्रभाव होगा। जिन्दगी की कड़वी किन्तु सच्ची बाते अगर जिन्दगी मे कुछ पाना हो तो तरीके बदलो अपने इरादे कभी नही बदलना। आपकी घड़ी कितनी भी कीमती हो, वक़्त तो ऊपर वाले के हिसाब से चलता है।