श्रीमद्भागवत महापुराण प्रथम स्कन्द अध्याय 13 विदुर के उपदेश से धृतराष्ट्र गांधारी का वन जाना की कथा

श्रीमद्भागवत महापुराण प्रथम स्कन्द अध्याय 13 विदुर के उपदेश से धृतराष्ट्र गांधारी का वन जाना की कथा

#श्रीमद्भागवत #महापुराण #कथा #प्रथम #स्कन्द #अध्याय 13 #विदुर के #उपदेश से #धृतराष्ट्र और #गांधारी का #वन में जाना की #कथा #सुनिए by Pandit Pradeep Pandey 9871030464    • श्रीमद्भागवत महापुराण प्रथम स्कन्द अध्याय ...   छोटे भाई #विदुर ने अंधे राजा #धृतराष्ट्र को इस प्रकार समझाया, तब उनकी #प्रज्ञा के नेत्र खुल गये | वे भाई-बन्धुओं के सुदृढ़ #स्नेह-पाशों को काटकर अपने छोटे भाई विदुर के दिखलाये हुए #मार्ग से निकल पड़े। जब परम पतिव्रता #सुबलनन्दिनी #गान्धारी ने देखा कि मेरे #पतिदेव तो उस #हिमालय की यात्रा कर रहे हैं, जो #संन्यासियों को वैसा ही सुख देता है जैसा वीर #पुरुषों को लड़ाई के मैदान में अपने #शत्रु के द्वारा किये हुए #न्यायोचित प्रहार से होता है, तब वे भी उनके पीछे-पीछे चल पड़ीं। तब #भगवान के परमभक्त #भगवन्मय #देवर्षि #नारद ने कहा- #धर्मराज तुम किसी के लिये #शोक मत करो; क्योंकि यह सारा जगत् #ईश्वर के वश में है। सारे लोक और #लोकपाल विवश होकर ईश्वर की ही आज्ञा का पालन कर रहे हैं। वही एक #प्राणी को दूसरे से मिलाता है और वही उन्हें अलग करता है। जैसे #बैल बड़ी रस्सी में बँधे और छोटी #रस्सी से रथे रहकर अपने #स्वामी का भार ढोते हैं, उसी प्रकार #मनुष्य भी #वर्णाश्रमादि अनेक प्रकार के नामों से #वेदरूप रस्सी में बँधकर #ईश्वर की ही आज्ञा का #अनुसरण करते हैं। जैसे संसार में #खिलाड़ी की इच्छा से ही #खिलौनों का संयोग और #वियोग होता है, वैसे ही #भगवान की इच्छा से #मनुष्यों का मिलना-#बिछुड़ना होता है। #श्रीमद्भागवत कथा प्रथम #स्कन्ध त्र#योदश #अध्याय, #विदुर जी के #उपदेश से #धृतराष्ट्र , #गान्धारी का वन में #जाना, श्रीमद्भागवत #महापुराण संस्कृत #हिंदी pdf, श्रीमद् #भागवत महापुराण #संस्कृत हिंदी, #श्रीमद्भागवत महापुराण #गीता #प्रेस #कथा, #Importance of #shrimadbhagwat #katha, shri #madbhagwat #mahapuran ki #katha , #श्रीमद्भागवत #महापुराण #प्रथम स्कन्ध #अध्याय 13 की कथा, #विदुर जी के #उपदेश से #धृतराष्ट्र और #गान्धारी का #वन में जाना की कथा सुनिए