Contact : +91 99146 00832, +91 99147 00832 You may contact us via these mail and website https://www.profgurdeeparora.com/ ============================================================== इस पद्धति के अनुसार जन्म कुंडली के पंचम भाव में जो ग्रह स्थित होता है उसे संबंधित देवी / देवता हमारे इष्ट होते हैं। यदि कोई भी ग्रह पंचम भाव में स्थित ना हो तो पंचम भाव के स्वामी अथवा पंचम भाव में स्थित राशि के आधार पर इष्ट देव की पहचान कर सकते हैं। ============================================================कुंडली में इष्ट देव कैसे पता करे? व्यक्ति की जन्म कुंडली में पांचवा स्थान शिक्षा, संतान और अपने इष्ट देवता का होता है। जन्म कुंडली में सबसे ऊपर पहले खाने में जहां लग्न लिखा हुआ होता है, उससे बाईं और पांचवे खाने तक गिनने पर पांचवा भाव होता है। इस पंचम भाव में जो भी अंक लिखा होता है उसी के अनुसार हमारे इष्ट देव का पता चलता है। ============================================================ राशि के अनुसार इष्ट देव कौन है? सिंह- सिंह राशि वालों का स्वामी ग्रह सूर्य है और उनके इष्ट देव हनुमान जी और मां गायत्री हैं। धनु और मीन- धनु और मीन राशि वालों के स्वामी ग्रह गुरु हैं और उनके इष्ट देव विष्णु जी और लक्ष्मी जी हैं। मकर और कुंभ- मकर और कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं इसलिए उनके इष्ट देव हनुमान जी और शिव जी हैं। ============================================================ कुंडली के अनुसार किस भगवान की पूजा करनी चाहिए? कुंडली के हिसाब से जानें अपना इष्ट देव शिव की पूजा करने के लिए फरवरी में जन्मे। मार्च और दिसंबर में जन्मे लोगों को विष्णु की पूजा करनी चाहिए। अप्रैल, सितंबर और अक्टूबर में जन्मे जातकों को भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। मई और जून में जन्मे जातकों को देवी भगवती की पूजा करनी चाहिए। ============================================================ कुंडली में कौन सा घर किसका होता है? हर कुंडली में ग्रह अलग-अलग स्थान पर होते हैं। सूर्य प्रथम- नवम और दशम स्थान पर, चंद्रमा- चतर्थ, मंगल- तृतीय और षष्टम, बुध- चतुर्थ और दशम, बृहस्पति- द्वितीय, पंचम, नवम, दशम और एकादश, शनि- षष्टम, अष्टम और दशम स्थान पर कुंडली में विराजमान रहते हैं। ============================================================पूर्वी देवता कौन है? परिभाषा - इष्ट देवता का क्या अर्थ है? इष्ट देवता एक उपासक के व्यक्तिगत पसंदीदा देवता के लिए हिंदू धर्म में शब्द है। क्योंकि हिंदू कई देवी-देवताओं या उनके अवतारों की पूजा कर सकते हैं, वे भक्ति के लिए अपने ध्यान के रूप में एक प्रिय देवता को चुन सकते हैं। ============================================================ इष्ट देव कौन होते हैं? आराध्य एक पद या विशेषण है जो प्रायः उस देवता या व्यक्ति के लिए प्रयुक्त होता है जिसे कोई व्पूयक्जाति या आराधना करने योग्य मानता हो। यह व्यक्ति एवं समाज सापेक्ष होता है। आराध्य की आराधना करने वाला व्यक्ति आराधक कहलाता है। आराध्य को आराधक के लिए कल्याणकारी कार्य करने वाला तथा रक्षक माना जाता है। ============================================================ कलयुग में कौन से भगवान की पूजा करनी चाहिए? कलयुग के देवता कौन है कलिकाल में देवता के रूप में शिव के विभिन्न अवतारों की पूजा की जाती है जो कि विशेष फलदायक मानी जाती हैं। कलयुग के देवता के रूप में बाबा महाकाल के विभिन्न अवतार जैंसे कि बाबा भैरवनाथ, एकादश रुद्र के रूप में श्री हनुमान जी, भगवान शंकर के अवतार श्री शनि देवता आदि माने जाते हैं। ============================================================ कुलदेवता और इष्ट देवता में क्या अंतर है? सिर्फ छोटा सा अंतर है! जिसे आप मानते हैं वो आपके इष्ट देवता है और जिसे आपका पूरा परिवार मानता है वो कुल देवता है! आप जीने मानते हैं, ईस्ट देव आप के लिये और कुल देव जिने बुजुर्गों ,पुरखो द्वारा माना जायआप भी मानते हैं देव हैं श्रद्धा रखो। ======================================== कुंभ राशि का जीवनसाथी कौन है? इनके अनुसार प्रेम धैर्यपूर्वक होता है. - वृष, सिंह, धनु राशि की स्त्री कुंभ राशि के पुरुष की लाइफपार्टनर बन उसके जीवन को ख़ुशियों से भर देती है. - हालांकि मेष, वृश्चिक व कुंभ राशि की स्त्री भी जीवनसाथी के रूप में योग्य साबित होती है, पर कभी-कभी इस जोड़ी के बीच तनाव उत्पन्न हो सकता है. ============================================================ History of Prof. Gurdeep Arora Prof. Gurdeep Arora was born in 1974, and from childhood he follows the religious path to find the one light (GOD). He starts searching the GOD in his life and starts the Journey in the year 1988 with the first visit to Amarnath Yatra. To find the GOD in real life, he starts searching and visiting most of the religious places in ALL INDIA, Including Temples, Guru Dwara’s, He also meet many Indian Rishi Muni to find the truth about real GOD. After that he got the answer from his soul that Astro is the real GOD, By Astro, you can help people. Astrology helps to make people happier, healthy, and peaceful. Thus he learned about astrology for a long time and running a very good organization in Ludhiana (Current President – Ludhiana Group of Astrologers). Where he tells about the people's life predictions and remedies with a very successful rate as a Specialist, Experienced, and Skilled Astrologer. astrology, astrologer, horoscope, Scorpio, love, spiritual, consciousness, opposition, psychic, positive, speaker, uplifting, inspire, planets, horoscopes, spirituality, awakening, Aries, Taurus, Gemini, cancer, Leo, Virgo, Libra, Sagittarius, Aquarius