About me : My name is Jyoti Goenka, Welcome to my channel “Jyoti Goenka” About Video : जन्माष्टमी puja vidhi in hindi कान्हा, श्रीकृष्णा, गोपाल, घनश्याम, बाल मुकुन्द, गोपी मनोहर, श्याम, गोविंद, मुरारी, मुरलीधर जाने कितने सुहाने नामों से पुकारे जाने वाले यह खूबसूरत देव दिलों के बेहद करीब लगते हैं। इनकी पूजा का ढंग भी उनकी तरह ही निराला है। आइए जानें कैसे करें श्रीकृष्ण की पूजा: पूजा की सामग्री – चौकी, लाल वस्त्र, भगवान कृष्ण के बाल रूप की मूर्ति, गंगाजल, मिट्टी का दीपक, घी, बत्ती, धूप, चंदन, रोली, अक्षत यानी साबुत चावल, तुलसी ,पंचामृत, मक्खन, मिश्री, मिष्ठान, फल, बाल गोपाल के लिए वस्त्र, श्रृंगार की सामग्री, इत्र, फूलमाला, फूल और पालना। जन्माष्टमी की पूजा विधि : भगवान श्रीकृष्ण की पूजा नीशीथ काल यानी कि आधी रात को करने की परंपरा रही है। जन्माष्टमी की पूजा शुरू करने से पहले आप स्नान कर लें। उसके बाद ऊपर बताई गई सभी सामग्री साथ रखें और पूर्व दिशा की ओर मुख कर बैठ जाएं। फिर भगवान कृष्ण के पालने को सजाएं, चौकी पर लाल कपड़ा बिछा लीजिए। भगवान् कृष्ण की मूर्ति चौकी पर एक पात्र में रखिए। अब दीपक जलाएं और साथ ही धूपबत्ती भी जला लीजिए। भगवान् कृष्ण से प्रार्थना करें कि, 'हे भगवान् कृष्ण ! कृपया पधारिए और पूजा ग्रहण कीजिए। श्री कृष्ण को पंचामृत से स्नान कराएं। फिर गंगाजल से स्नान कराएं। अब श्री कृष्ण को वस्त्र पहनाएं और श्रृंगार कीजिए। भगवान् कृष्ण को दीप दिखाएं। इसके बाद धूप दिखाएं। अष्टगंध चन्दन या रोली का तिलक लगाएं और साथ ही अक्षत (चावल) भी तिलक पर लगाएं। माखन मिश्री और अन्य भोग सामग्री अर्पण कीजिए और तुलसी का पत्ता विशेष रूप से अर्पण कीजिए. साथ ही पीने के लिए गंगाजल रखें। अब श्री कृष्ण का इस प्रकार ध्यान कीजिए : श्री कृष्ण बच्चे के रूप में पीपल के पत्ते पर लेटे हैं। उनके शरीर में अनंत ब्रह्माण्ड हैं और वे अंगूठा चूस रहे हैं। इसके साथ ही श्री कृष्ण के नाम का अर्थ सहित बार बार चिंतन कीजिए। कृष् का अर्थ है आकर्षित करना और ण का अर्थ है परमानंद या पूर्ण मोक्ष। इस प्रकार कृष्ण का अर्थ है, वह जो परमानंद या पूर्ण मोक्ष की ओर आकर्षित करता है, वही कृष्ण है। मैं उन श्री कृष्ण को प्रणाम करता/करती हूं। वे मुझे अपने चरणों में अनन्य भक्ति प्रदान करें। विसर्जन के लिए हाथ में फूल और चावल लेकर चौकी पर छोड़ें और कहें : हे भगवान् कृष्ण! पूजा में पधारने के लिए धन्यवाद। कृपया मेरी पूजा और जप ग्रहण कीजिए और पुनः अपने दिव्य धाम को पधारिए। अब अपने परिवार सहित भगवांन कृषन की आरती करे. सबको प्रसाद दे और तिलक लगाए और खुद भी प्रसाद ग्रहण कर उपवास खोले। इस प्रकार यह थी जन्माष्टमी पूजन विधि. Copyright Free Indian Mytho Bhajan Om Jai Jagdish Hare From : Royalty Free Music library • Copyright Free Indian Mytho Bhajan Om Jai ... Janmashtami Whatsapp Status | Happy Birthday Krishna • #HappyJanmashtami | Janmashtami Whatsapp S... Android Rakesh subscribe button green screen with sound/subscribe green screen/subscribe and bell icon green screen • Video Subscribe button | 3 | Free Download | MR.1 CHANNEL • Video My Social links : Follow me on Instagram : / jyoteegoenka My face book page : Bhakti Main Shakti https://www.facebook.com/Bhakti-main-... Follow me at Linkdin : / jyotee-goenka-52a2a6143 Thanks a lot, Jyoti Goenka Blessings of Jai Mata Di