Karn ki kahani - Karn ki jubani part 1

Karn ki kahani - Karn ki jubani part 1

This video is talk about Karn and his life must watch it full video.. ‪@mantrabook‬ Poetry Details: Kahani Karn Ki कहानी कर्ण की इस कविता में महाभारत के वीर दानवीर योद्धा कर्ण की कहानी को बताया गया है, इस कविता को लिखा एवं प्रस्तुत Abhi Munde ने किया है । पांडवो को तुम रखो, मै कौरवो की भीड से तिलक शिकस्त के बीच में जो टूटे ना वो रीड़ मै सूरज का अंश हो के फिर भी हूँ अछूत आर्यव्रत को जीत ले ऐसा हूँ सूत पूत मै कुंती पुत्र हुँ मगर न हूँ उसी को प्रिय मै इंद्र मांगे भीख जिससे ऐसा हूँ क्षत्रिय आओ मैं बताऊँ महाभारत के सारे पात्र ये भोले की सारी लीला थी किशन के हाथ सूत्र थे बलशाली बताया जिसे सारे राजपुत्र थे काबिल दिखाया बस लोगो को ऊँची गोत्र के सोने को पिघला कर डाला सोन तेरे कंठ में जाती हो के किया वेद का परंतु ने यथा गुनाह तेरा, तु सारथी का अंश था तो क्यो छिपे मेरे पीछे, मै भी उसी का वंश था ऊँच नीच की ये जड़ वो अहंकारी द्रोण था। वीरो की उसकी सूची में, अर्जुन के सिवा कौन था माना था माधव को वीर, तो क्यो डरा एकलव्य से माँग के अंगूठा क्यों जताया पार्थ भव्य है रथ पे सजाया जिसने कृष्ण हनुमान को योद्धाओ के युद्ध में लडाया भगवान को नन्दलाल तेरी ढाल पीछे अंजनेय थे नीयती कठोर थी जो दोनो वंदनीय थे ऊँचे ऊँचे लोगो में मै ठहरा छोटी जात का खुद से ही अंजान मै ना घर का ना घाट का सोने सा था तन मेरा, अभेद्य मेरा अंग था कर्ण का कुंडल चमका लाल नीले रंग का इतिहास साक्ष्य है योद्धा मै निपूण था बस एक मजबूरी थी, मै वचनो का शौकीन था अगर ना दिया होता वचन, वो मैने कुंती माता को पांडवो के खून से, मै धोता अपने हाथ को साम दाम दंड भेद सूत्र मेरे नाम का गंगा माँ का लाडला मै खामखां बदनाम था कौरव से हो के भी कोई कर्ण को ना भूलेगा जाना जिसने मेरा दुख वो कर्ण कर्ण बोलेगा भास्कर पिता मेरे हर किरण मेरा स्वर्ण है। Thanks for watching...🙏 #karn #mahabharat #krishna