पौष कृष्ण त्रयोदशी प्रदोष व्रत कथा | शिव पूजन का दिव्य माहात्म्य | Pradosh Vrat Katha Paush

पौष कृष्ण त्रयोदशी प्रदोष व्रत कथा | शिव पूजन का दिव्य माहात्म्य | Pradosh Vrat Katha Paush

पौष कृष्ण त्रयोदशी प्रदोष व्रत कथा | शिव पूजन का दिव्य माहात्म्य | Pradosh Vrat Katha Paush पौष मास माहात्म्य कथा अध्याय 13 प्रदोष काल में शिव पूजा का चमत्कारी फल | प्रदोष व्रत कथा paush krishna trayodashi,pradosh vrat katha paush pradosh vrat,shiv pradosh vrat katha pradosh vrat katha hindi,shiv puja pradosh kaal,paush mas shiv katha,trayodashi vrat katha,shiv mahima katha,shiv bhakti katha paush month vrat katha,pradosh vrat significance,shiv ji ki katha hindu vrat katha,evening shiv puja, पौष मास माहात्म्य कथा अध्याय 13, पौष कृष्ण त्रयोदशी,प्रदोष व्रत कथा,प्रदोष काल शिव पूजन,पौष मास शिव कथा,शिव महिमा कथा हिंदी,Pradosh Vrat Katha Hindi,Shiv Puja in Pradosh Kaal,Hindu Vrat Katha पौष मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। यह व्रत भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना गया है। कहा जाता है कि प्रदोष काल में की गई शिव पूजा से जीवन के सभी कष्ट, पाप और बाधाएँ समाप्त होती हैं। इस वीडियो में आप सुनेंगे पौष कृष्ण त्रयोदशी प्रदोष व्रत की संपूर्ण कथा, जिसमें शिव महिमा, प्रदोष काल का महत्व और सच्ची भक्ति का फल विस्तार से बताया गया है। यह कथा उन भक्तों के लिए है जो मानसिक शांति, पारिवारिक सुख, रोग मुक्ति और शिव कृपा प्राप्त करना चाहते हैं। प्रदोष व्रत विशेष रूप से संध्या काल में किया जाता है, जब दिन और रात का मिलन होता है। इसी समय भगवान शिव अपने भक्तों की पुकार शीघ्र सुनते हैं। 🙏 इस पावन कथा को अंत तक अवश्य सुनें और शिव भक्ति को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। यदि वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Subscribe अवश्य करें। ॐ नमः शिवाय #PradoshVratKatha #PaushKrishnaTrayodashi #PradoshVrat #ShivPuja #ShivBhakti #PaushMas #ShivMahima #VratKatha #HinduKatha #OmNamahShivaya Disclaimer इस वीडियो में प्रस्तुत कथा, आध्यात्मिक विचार, शास्त्रीय संदर्भ और विवरण धार्मिक व सांस्कृतिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका उद्देश्य केवल ज्ञान, प्रेरणा और सकारात्मकता प्रदान करना है। यह वीडियो किसी भी प्रकार की अंधविश्वास, चमत्कारिक दावे या अवैज्ञानिक सुझाव को प्रोत्साहित नहीं करता। दर्शक अपनी समझ के अनुसार इसका श्रवण करें। यह सामग्री किसी भी व्यक्ति, समुदाय, धर्म या भावना को आहत करने के उद्देश्य से नहीं बनाई गई है।